अमेरिका, कनाडा और लैटिन अमेरिका व कैरिबियन के आठ देशों की सरकारों ने एक संयुक्त घोषणा जारी की। इसमें ईरान और उसके सहयोगियों पर पूरे पश्चिमी गोलार्ध में आतंकवादी गतिविधियों और कई तरह के नुकसानदेह ऑपरेशन चलाने का आरोप लगाया गया और इन खतरों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का वादा किया गया। यह संयुक्त घोषणा पिछले महीने आयोजित अमेरिका-पराग्वे फोरम का नतीजा है। इस फोरम का मकसद कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करना था, ताकि उस इलाके में ईरान समर्थित आतंकवादी गतिविधियों से निपटा जा सके, जिन्हें वॉशिंगटन ने ऐसा ही करार दिया है। इसमें शामिल सरकारों ने कहा कि ईरान और उसके सहयोगी पूरे इलाके में जानलेवा साजिशें रचने, गैर-कानूनी तरीके से फंड जुटाने, राजनीतिक दखलंदाजी करने और विदेशी प्रभाव बढ़ाने वाले अभियानों में शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा, “हम ऐसे खतरों से अपने देशों और लोगों की सुरक्षा करने के अपने संकल्प में एकजुट हैं।
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उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान और उसके प्रॉक्सी को ये हरकतें तुरंत बंद करनी चाहिए। इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में अमेरिका, अर्जेंटीना, कनाडा, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, गुयाना, पैराग्वे, पेरू और त्रिनिदाद और टोबैगो की सरकारें शामिल हैं। यह औपचारिक घोषणा वाशिंगटन की उस जारी पहल को उजागर करती है जिसका मकसद मध्य पूर्व के बाहर ईरान और उसके प्रॉक्सी के संदिग्ध ऑपरेशन्स का मुकाबला करने के लिए एक व्यापक क्षेत्रीय गठबंधन बनाना है। इसमें शामिल अधिकारियों का दावा है कि पश्चिमी गोलार्ध में ईरान और उसके प्रॉक्सी द्वारा प्रायोजित गतिविधियों में आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करना, माने गए विरोधियों को डराना-धमकाना, कानूनी या प्रशासनिक प्रणालियों को कमजोर करना और क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना शामिल है।
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जारी बयान में किसी खास घटना, संगठन या कथित साज़िश का ज़िक्र नहीं किया गया। सरकारों ने क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा पहले से लागू किए गए उन उपायों की सराहना की, जिनका मकसद ईरान की नुकसानदेह गतिविधियों (जिनमें जानलेवा साज़िशें भी शामिल हैं) को रोकना था। संयुक्त बयान में कहा गया, “हम उन्हें रोकने के लिए और कदम उठाने के लिए मिलकर प्रतिबद्ध हैं, और इस खतरे से निपटने के लिए अपने तालमेल और सहयोग को बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।” विदेश विभाग के अनुसार, यह घोषणा ‘काउंटरिंग ट्रांसनेशनल टेररिज्म फोरम’ के बाद की गई, जिसकी मेज़बानी पिछले महीने अमेरिका और पैराग्वे ने संयुक्त रूप से की थी। विभाग ने बताया कि इस फोरम का मकसद ईरान से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए पश्चिमी गोलार्ध की सरकारों के बीच कानून लागू करने वाले विभागों के सहयोग को बेहतर बनाना था।
