न्यूयॉर्क में यूएस ओपन के मुकाबले जैसे-जैसे अंतिम दौर में पहुंच रहे हैं, दावेदारों के बीच मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष सिंगल्सके सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड के बोटिक वान डे जैंडशुल्प को 6-2, 7-5, 6-1 से हराया।
आर्थर ऐश स्टेडियम में रात के सत्र में खेले गए मुकाबले में ज्वेरेव शुरुआत से ही नियंत्रण में नजर आए। उन्होंने पहले सेट में आसानी से बढ़त बनाई और दूसरे सेट में भी दबाव बनाए रखा। तीसरे सेट में जर्मन खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया और मुकाबला सीधे तीन सेटों में अपने नाम कर लिया।
खास बात यह है कि ज्वेरेव इस मुकाबले से पहले पूरी रात आराम नहीं कर पाए थे। उन्होंने बताया कि वह बेन शेल्टन और मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज के बीच खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल को देर रात तक देखते रहे। यह मुकाबला स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 3 बजकर 34 मिनट पर खत्म हुआ था, जो यूएस ओपन के इतिहास में सबसे देर से समाप्त होने वाला मुकाबला बन गया।
ज्वेरेव ने बताया कि उन्होंने मुकाबला करीब साढ़े तीन बजे तक देखा और उसके बाद सोने नहीं गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि वैसे भी वह दोपहर करीब एक बजे तक सोने वाले थे, इसलिए देर रात तक मैच देखने का फैसला किया। दिलचस्प बात यह भी है कि इस टूर्नामेंट में खुद ज्वेरेव के शुरुआती तीन मुकाबले देर रात खत्म हुए थे। उनके शुरुआती मैच क्रमशः रात 1 बजकर 55 मिनट, 2 बजकर 15 मिनट और 1 बजकर 9 मिनट पर समाप्त हुए थे।
गौरतलब है कि ज्वेरेव के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पहली बार एक ही सत्र में चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचे हैं। इस साल उन्होंने फ्रेंच ओपन जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब भी हासिल किया था। इसके अलावा वह विंबलडन के फाइनल में भी पहुंचे थे। अल्काराज के बाहर होने के बाद अब ज्वेरेव को खिताब का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
हालांकि, उनका सफर पूरी तरह आसान नहीं रहा है। शुरुआती दो मुकाबलों में उन्हें पांच सेट तक जाना पड़ा था। इस साल यूएस ओपन में ज्वेरेव अब तक 80 गेम गंवा चुके हैं। शीर्ष वरीय खिलाड़ियों में उनसे ज्यादा गेम गंवाने का आंकड़ा केवल राफेल नडाल का है, जिन्होंने 2018 में सेमीफाइनल तक पहुंचते हुए 85 गेम गंवाए थे।
ज्वेरेव के सामने अब रूस के कैरेन खाचानोव की चुनौती होगी। खाचानोव ने बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लॉक्स के चोटिल होकर मुकाबले से हटने के बाद सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उस समय खाचानोव 6-2, 7-5, 3-2 से आगे थे।
ब्लॉक्स के लिए यह टूर्नामेंट शानदार रहा, लेकिन क्वार्टर फाइनल में उनका शरीर साथ नहीं दे सका। पहले उन्हें पैर में छाले के लिए उपचार लेना पड़ा और बाद में पीठ की परेशानी बढ़ गई। इससे पहले चौथे दौर के मुकाबले में भी वह पसली की चोट से परेशान थे। उन्होंने कहा कि इस बार उनका शरीर जवाब दे गया और दर्द बढ़ता जा रहा था। वह नहीं चाहते थे कि चोट और गंभीर हो और पूरा सीजन खराब हो जाए।
बता दें कि खाचानोव ने 2023 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। कभी विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान तक पहुंच चुके खाचानोव हाल के खराब नतीजों के कारण अब 50वें स्थान पर हैं और 2018 के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम में बिना वरीयता के उतरे हैं।
खाचानोव ने कहा कि ज्वेरेव को हराने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वहीं ज्वेरेव ने भी अपने अगले प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने से इनकार किया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि खाचानोव को साथी खिलाड़ी टेनिस का प्रोफेसर कहते हैं, क्योंकि उन्हें खेल की बारीकियों और खिलाड़ियों की तकनीक की बहुत गहरी जानकारी है।
ज्वेरेव के लिए यह मुकाबला केवल फाइनल में पहुंचने का मौका नहीं, बल्कि इस साल अपने शानदार ग्रैंड स्लैम अभियान को एक और बड़ी उपलब्धि में बदलने का अवसर भी है।