बैडमिंटन के बड़े टीम टूर्नामेंट की बात करें तो इस समय डेनमार्क के हॉर्सेन्स में चल रहा थॉमस और उबर कप 2026 अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। अब तक के मुकाबलों के बाद ग्रुप चरण खत्म हो चुके हैं और अब सभी टीमों की नजर नॉकआउट मुकाबलों पर टिक गई है। बता दें कि इस बार कई पारंपरिक ताकतों के साथ कुछ नई टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंकाया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार पुरुष वर्ग के थॉमस कप में चीन की टीम अब भी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। टीम ने अपने सभी मुकाबले जीते, हालांकि भारत के खिलाफ उसे कड़ी टक्कर मिली। वहीं भारत, जो 2022 का चैंपियन रह चुका है, इस बार भी आक्रामक अंदाज में दिखा और चीन को 3-2 तक चुनौती देकर अपनी ताकत साबित की है। गौरतलब है कि आयुष शेट्टी और एच एस प्रणॉय जैसे खिलाड़ियों ने बड़े खिलाड़ियों को हराकर टीम को मजबूती दी है।
दूसरी ओर मलेशिया इस टूर्नामेंट का डार्क हॉर्स बनकर उभरा है। ली जी जिया की शानदार फॉर्म ने टीम को नई ऊर्जा दी है। जापान की टीम भी लगातार लंबी रैलियों और मजबूत रक्षा के लिए जानी जा रही है। मेजबान डेनमार्क ने भी अपने घरेलू दर्शकों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी मुकाबले जीते हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हुई है।
महिला वर्ग के उबर कप में चीन की टीम पूरी तरह हावी नजर आई है। टीम ने अब तक एक भी सेट नहीं गंवाया है, जो उसकी ताकत को दिखाता है। चेन यू फेई और उनकी युगल जोड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जापान और कोरिया जैसी टीमें भी मजबूत चुनौती पेश कर रही हैं, जबकि थाईलैंड और चीनी ताइपे के बीच मुकाबला काफी संतुलित माना जा रहा है।
भारत की महिला टीम इस बार समूह चरण से आगे नहीं बढ़ पाई, जो एक निराशाजनक पहलू रहा है। हालांकि पुरुष टीम के प्रदर्शन ने भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद दी है कि टीम आगे बड़ा उलटफेर कर सकती है।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल से क्वार्टर फाइनल मुकाबले शुरू हो चुके हैं, जबकि 1 मई को पुरुष वर्ग के मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद 2 मई को सेमीफाइनल और 3 मई को फाइनल मुकाबले होंगे।
जानकारों का मानना है कि इस बार टूर्नामेंट में रणनीति, फिटनेस और दबाव झेलने की क्षमता अहम भूमिका निभाएगी। अगर भारत अपनी लय बरकरार रखता है तो वह एक बार फिर इतिहास रच सकता है, जबकि चीन दोनों वर्गों में खिताब जीतने का प्रबल दावेदार बना हुआ है।
