वाशिंगटन, सात अक्टूबर (एपी) अमेरिकी सेना के कार्यवाहक सचिव ने मंगलवार को कहा कि 2009 में टेक्सास के फोर्ट हूड में गोलीबारी कर 13 लोगों की हत्या करने वाले मेजर निदाल मलिक हसन को तीन दिसंबर को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। कार्यवाहक सेना सचिव एडम टेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि सेना के मेजर निदाल मलिक हसन को फोर्ट हूड में गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोमवार को कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हसन को दी गई मौत की सजा को मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी सेना ने 1961 के बाद से किसी को भी मौत की सजा नहीं दी है। सेना में मनोचिकित्सक के पद पर कार्यरत हसन ने एक चिकित्सा भवन में घुसकर ‘‘अल्लाहु अकबर’’ का नारा लगाते हुए लेजर युक्त पिस्तौल से गोलीबारी शुरू कर दी थी, जहां सैनिकों की चिकित्सीय जांच हो रही थी। इस घटना में 13 लोग मारे गए और 30 से अधिक घायल हुए थे।
हसन ने कहा था कि उसने सैनिकों को अफगानिस्तान जाने और अपने साथी मुसलमानों को मारने से रोकने के प्रयास में ऐसा किया था। उसने मुकदमे के दौरान अपना बचाव करने की कोई कोशिश नहीं की। अमेरिकी सैन्य न्याय व्यवस्था में मृत्युदंड बेहद दुर्लभ है और मौत की सजा पर अमल उससे भी अधिक दुर्लभ है।
सैन्य व्यवस्था में आखिरी बार मौत की सजा प्राइवेट जॉन बेनेट को दी गई थी। उसे 11 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में 1961 में फांसी दी गई थी।
