ईटानगर, चार नवंबर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लोहित नदी पर बने 460 फुट लंबे पुल को राष्ट्र को समर्पित किया। एक बयान के अनुसार, बीआरओ के प्रोजेक्ट उदयक के तहत 1444 ब्रिज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित मेसाई हाइब्रिड पुल से, वालोंग के आगे स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दूरदराज के गांवों मेसाई, डोंग और कहो तक संपर्क बेहतर होगा। सिंह ने मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद चुनौतीपूर्ण निर्माण कार्य बेहद कम समय में पूरा करने के लिए प्रोजेक्ट उदयक की टीम की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में यह पुल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मानसून के दौरान, पहले बनाए गए पुलों को हुए नुकसान के मद्देनजर इसका महत्व और बढ़ जाता है। मेसाई गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट उदयक के मुख्य अभियंता एस के वर्मा, 48 सीमा सड़क कार्यबल के कमांडिंग अधिकारी पंकज स्वसत, सेना के जवान, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारी, बीआरओ के प्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और क्षेत्र के लोग शामिल हुए।
बयान में कहा गया कि इस पुल से भारत-तिब्बत सीमा पर वालोंग, किबिथू और कहो में सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे दूरदराज के सीमावर्ती गांवों तक पहुंच आसान होगी और सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों की आवाजाही भी सुगम होगी। बेहतर बुनियादी ढांचे से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह इलाका अपने प्राकृतिक सौंदर्य और अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के लिए जाना जाता है।
