चेन्नई, सात अक्टूबर तमिलनाडु में विपक्षी दल द्रमुक ने दो सरकारी अस्पतालों में तीन भाषाओं वाले दवा के पैकेट के इस्तेमाल को लेकर टीवीके सरकार की तीखी आलोचना की है और पूछा है कि क्या राज्य में त्रि-फॉर्मूला लागू किया जा रहा है, वहीं सत्ताधारी टीवीके ने द्रविड़ पार्टी पर अपने अस्तित्व के लिए के मुद्दे को तूल देने का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के. जी. अरुणराज ने यह भी कहा कि पिछली द्रमुक सरकार के दौरान भी ऐसी ही पैकेजिंग को मंजूरी दी गई थी। विवाद के बाद, कोयंबटूर और करूर के सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों ने तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में छपे दवा के पैकेट का वितरण तुरंत रोक दिया।
यह विवाद तब भड़का जब तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में खुराक के निर्देश छपे पैकेट राज्य सरकार संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में मरीजों तक पहुंचे, जिससे द्रमुक की कड़ी आलोचना हुई। द्रमुक नेता और पूर्व मंत्री टी.आर.बी. राजा ने करूर स्वास्थ्य केंद्र में वितरित दवा के पैकेटों की तस्वीरें साझा करते हुए अधिकारियों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क के भीतर चुपचाप त्रि-नीति लागू करने का आरोप लगाया। तमिलनाडु दशकों से राज्य में तमिल और अंग्रेजी का उपयोग करते हुए द्विभाषी (दो भाषाओं के) फॉर्मूले का पालन करता रहा है और हिंदी के उपयोग का विरोध करता रहा है।
राजा ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि तमिलनाडु के अस्पतालों में भी त्रि-नीति लागू की जा रही है! पहले करूर… अब कोयंबटूर में भी यही स्थिति है…।’’
पलटवार करते हुए, अरुणराज ने द्रमुक पर ‘राजनीतिक अस्तित्व’ के लिए के मुद्दे का सहारा लेने का आरोप लगाया। वरिष्ठ टीवीके नेता ने मुख्य विपक्षी दल पर ‘मगरमच्छी आंसू बहाने’ का भी आरोप लगाया।
