नयी दिल्ली, सात अक्टूबर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले बुधवार को पूरी लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और नयी दिल्ली जिले के कई हिस्से किले में तब्दील कर दिए गए। नयी दिल्ली क्षेत्र और उसके आसपास के कई स्थानों पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) सहित अन्य बलों के कर्मियों की भारी तैनाती की गई है।
सुरक्षा में यह बढ़ोतरी ऐसे समय की गई है जब एक दिन पहले निर्वाचन आयोग के दफ्तर की ओर मार्च करने और आकाशवाणी भवन परिसर के भीतर आठ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी व कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई सांसदों और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया गया था। विपक्षी सांसदों ने कथित वोट चोरी के मुद्दे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने के आरोप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा तथा उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की है।
लुटियंस दिल्ली में प्रमुख सरकारी इमारतों के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए बैरिकेड का उपयोग किया जा रहा है। इस बीच, विपक्षी नेताओं ने कहा है कि वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे और अपनी चिंताओं को सड़कों पर उठाएंगे।
