मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच ‘विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026’ को ध्वनि मत से पारित किया गया। वहीं, राज्यसभा ने ‘जन्म और मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पारित कर दिया। यह विधेयक पिछले हफ़्ते निचले सदन में पारित हुआ था। मंगलवार को कई मुद्दों पर दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया है और अब वे बुधवार (5 अगस्त, 2026) को सुबह 11 बजे फिर शुरू होगी।
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आज दोनों सदनों में क्या हुआ
राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने मंगलवार को कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संबंधी कानून को ठीक से लागू नहीं कर ‘‘देश एवं लोकतंत्र के साथ धोखा करने’’ का आरोप लगाया और दावा किया कि वर्तमान सरकार इन दोनों के सार्वभौमिक पंजीकरण के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। उच्च सदन में गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि विलंब से जन्म और मृत्यु पंजीकरण कराने से होने वाले दुरूपयोग को रोकने के लिए इसमें कई प्रावधान किए गए हैं।
पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। वे अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे। बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि मैं आप सभी को बोलने का अवसर दूंगा, लेकिन प्रश्नकाल में केवल प्रश्न-उत्तर होते हैं और सभी से अनुरोध है कि कार्यवाही चलाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मैंने कल भी बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) की बैठक में सभी दलों से यह अनुरोध किया था। संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और चर्चा एवं संवाद के लिए है। यह नारेबाजी करने और तख्तियां लेकर आने का मंच नहीं है।
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वहीं राज्यसभा में 11 बजे बैठक शुरू होने पर, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकदी और कीमती सामान की कथित चोरी का मुद्दा उठाया, जिसका सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल शुरू करने का ऐलान किया। इसी दौरान विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करने लगे। सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने के लिए कहा। खरगे ने राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर चढ़ावे की कथित चोरी का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य जांच एजेंसियां श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (एसआरजेबीटीके) के सदस्यों पर लगे आरोपों की जांच क्यों नहीं कर रही हैं? खरगे ने कहा कि इस ट्रस्ट का गठन सरकार ने किया था और इसे 70 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। वह अपनी बात पूरी कर पाते, उससे पहले सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को बोलने की अनुमति दी। रीजीजू ने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे को बार-बार उठाने की कोशिश कर रहा है, उसे सदन में उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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