केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्र पिछले 16 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने सरकार को साफ अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 10 तारीख को विधानसभा का घेराव करेंगे।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने साधा निशाना
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि अगर राज्य सरकार में थोड़ी सी भी नैतिकता बची होती, तो मुख्यमंत्री को पहले ही दिन खुद यहां आकर छात्रों से मिलना चाहिए था और उनकी सीबीआई जांच की मांग मान लेनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार को सीबीआई जांच कराने से क्या परेशानी है? इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें जरा भी नैतिकता है तो वे रांची आकर छात्रों के पक्ष में खड़े हों, लेकिन वे अपने दोहरे रवैये की वजह से ऐसा नहीं करेंगे।
#WATCH | Jharkhand | JPSC-JSSC aspirants’ protest in Ranchi | Union Minister Sanjay Seth says, “… If there were any ethics in the state government, the Chief Minister should have come here on the very first day and accepted the students’ demand for a CBI investigation… What… https://t.co/TT7Hu1SnJE pic.twitter.com/zqhIt7GfJl
— ANI (@ANI) August 9, 2026
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आदित्य साहू ने कहा, हेमंत सरकार को चुकानी होगी कीमत
झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्रों के दर्द को साझा करते हुए कहा कि स्टेडियम में बच्चों की आंखों से आंसू बह रहे थे। ये सिर्फ आंदोलन कर रहे छात्रों के आंसू नहीं हैं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं का दर्द है, जिसकी कीमत हेमंत सोरेन सरकार और झामुमो को चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और हिम्मत दिखाकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठना चाहिए। राहुल गांधी को साफ कहना चाहिए कि या तो झारखंड सरकार सीबीआई जांच कराए वरना वे सरकार से अपना समर्थन वापस लें।
