लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक और आक्रामक पोस्ट लिखकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रयागराज में एक छात्र से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सालों तक मेहनत करने, घर-जमीन बेचने और कर्ज में डूबने के बाद भी आज देश का युवा खाली हाथ खड़ा रहने पर मजबूर है। राहुल गांधी के अनुसार, यह नाकामी किसी छात्र की नहीं, बल्कि उस कमजोर व्यवस्था की है जो युवाओं की मेहनत का सही फल देने में नाकाम रही है।
अमित शाह की चुप्पी पर सवाल
राहुल गांधी ने दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग पर गहरा दुख और गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं पर लाठियां और पैलेट गन चलाए जाने के बावजूद सरकार का कोई भी प्रतिनिधि जवाब देने को तैयार नहीं है।
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” – कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए – गृह…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 9, 2026
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हक और जवाबदेही की आवाज को दबाया नहीं जा सकता
विपक्ष के नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार चाहे जितनी भी अनदेखी कर ले, युवाओं के हक और जवाबदेही की मांग को दबाया नहीं जा सकता। इससे पहले प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान भी राहुल गांधी ने युवाओं के सामने देश के मौजूदा ढांचे की हकीकत रखी थी। उन्होंने ‘दर्द, डेटा और दौलत’ का गणित समझाते हुए कहा कि आज मेहनत और डेटा आम जनता का है, लेकिन देश की पूरी दौलत कुछ गिने-चुने हाथों में सिमटकर रह गई है।
