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कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के बहुचर्चित संस्मरण (Memoir) ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) के प्रकाशन को लेकर बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। पेंगुइन रैंडम…
दुबई, चार सितंबर (एपी) अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले जॉर्डन को ईरान के साथ जारी अमेरिका के युद्ध में वाशिंगटन के साथ करीबी संबंधों की कीमत चुकानी पड़ रही है और ईरान उसके सैन्य ठिकानों…
भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 17-दिवसीय बड़े कॉम्बैट (सैन्य) अभ्यास को लेकर पाकिस्तान में भारी घबराहट का माहौल है। भारत द्वारा इस सैन्य अभ्यास के सिलसिले में…
नयी दिल्ली, चार सितंबर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान आसान बनाने…
नयी दिल्ली, चार सितंबर दुनिया का सबसे बड़ा, वाष्प इंजन चालित यात्री जहाज टाइटैनिक, इंग्लैंड के साउथहैंप्टन से अपनी प्रथम…
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारियों के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य के…
(आर. सत्यनारायण) श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), चार सितंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए भू-तुल्यकालिक कक्षा…
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने शुक्रवार को GSLV-F17 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर प्रसन्नता व्यक्त…
(आर. सत्यनारायण) श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), चार सितंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए भू-तुल्यकालिक कक्षा…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा GSLV-F17 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों और…
नयी दिल्ली, तीन सितंबर दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले…
हुब्बली, तीन सितंबर कर्नाटक के हुब्बली-धारवाड़-बेलगावी (एचडीबी) क्षेत्र में बेंगलुरु से आगे एक प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र के रूप…
कोलकाता, तीन सितंबर पश्चिम बंगाल पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और…
नयी दिल्ली, तीन सितंबर राष्ट्रीय राजधानी के दिल्ली छावनी इलाके में एक एसयूवी कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार एक…
पटना, तीन सितंबर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार सरकार राज्य…
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भाद्रपक्ष कृष्ण अष्टमी का पावन पर्व सम्पूर्ण भारतवर्ष में भारतीय जनमानस के नायक, योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति…
नयी दिल्ली, आठ अगस्त भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में ‘कम एंड…
शिलांग, आठ अगस्त एवरब्राइटसन साना के दो गोल की मदद से शिलांग लाजोंग एफसी ने डूरंड कप…
मोंटेवीडियो (उरुग्वे), आठ अगस्त (एपी) फुटबॉल स्टार और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी के पिता जॉर्ज मेस्सी…
यूजीन, आठ अगस्त आशीष यादव ने विश्व एथलेटिक्स अंडर 20 चैम्पियनशिप में पुरूषों के भालाफेंक में रजत…
श्रीलंका के खिलाफ भारत की आगामी टेस्ट सीरीज़ से पहले देवदत्त पडिक्कल ने शनिवार को कोलंबो में…
भारत की स्टार महिला बल्लेबाज़ जेमिमा रोड्रिग्स के लिए एक बड़ा झटका है कि वह ‘द हंड्रेड…
टीवी की दुनिया में अपनी एक्टिंग से खास पहचान बनाने वाली कनिका मान (Kanika Mann) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। हरियाणा के पानीपत से आने वाली कनिका ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग और पंजाबी म्यूजिक वीडियोज से की थी। इसके बाद उन्होंने टीवी के साथ-साथ पंजाबी फिल्मों और ओटीटी में भी काम किया।कनिका मान को सबसे ज्यादा लोकप्रियता टीवी सीरियल ‘गुड्डन तुमसे ना हो पाएगा’ से मिली। इस शो में उन्होंने गुड्डन का किरदार निभाकर दर्शकों के दिल में अपनी जगह बना ली। अब खबरें हैं कि कनिका मान जल्द ही सलमान खान के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ में नजर आ सकती हैं।कौन हैं कनिका मान?कनिका मान का जन्म 7 अक्टूबर 1993 को हरियाणा के पानीपत में हुआ था। उन्होंने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान ही कनिका ने मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का…
शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर…
Hindi NewsCareerDRDO Recruitment 2026: Walk in Interview For 93 Posts In Chennai4 मिनट पहलेकॉपी लिंकडीआरडीओ के अंतर्गत कॉमबैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेलवपमेंट इस्टेबलिशमेंट ने अवादि, चेन्नई में 93 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवारों का सिलेक्शन वॉक इन इंटरव्यू के जरिये किया जाएगा।एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :साल 2023, 2024, 2025, या 2026 में NCVT/SCVT बोर्ड से ITI की डिग्री ली हो।एज लिमिट :न्यूनतम : 18 सालअधिकतम : 27 सालरिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी।स्टाइपेंड :10,560 – 11,040 रुपए प्रतिमाहसिलेक्शन प्रोसेस :शॉर्टलिस्टिंगवॉक इन इंटरव्यूवॉक इन इंटरव्यू की डिटेल्स :तारीख : 8,9 सितंबरटाइम : सुबह…
नयी दिल्ली, चार सितंबर ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के शेयर शुक्रवार को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत करते हुए…
मुंबई, तीन सितंबर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार को 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ।…
नयी दिल्ली, तीन सितंबर देश में वाहनों के सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के…
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बृहस्पतिवार को प्राकृतिक गैस (सीएनजी और पीएनजी) पर मूल्य वर्धित कर (वैट) 21…
लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स ने एनएसई पर सौदे के जरिये शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी फिजिक्सवाला में अपनी पूरी 1.61 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
Supporting Student Journalist.
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