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खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को धीरे-धीरे हटाने और इसके बदले में इसे धीरे-धीरे फिर से खोलने पर सहमति बन गई है। अल अरबिया के अनुसार, दोनों…
ऑपरेशन सिंदूर को आज एक वर्ष पूरा हो गया। इस अवसर पर पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों के शौर्य को सराह रहा है। राष्ट्रपति, प्रधनमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी…
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर गतिरोध के बीच, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय को स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ तभी लेने दी जाएगी जब…
तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर अपने पुराने और चर्चित रंग में लौट आई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में शुरू हुआ हिंसा का दौर थमता…
आज पूरा देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है। यह वह सैन्य अभियान था जिसने वैश्विक मंच पर…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बड़े बदलावों के बीच एक नाम अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है—चंद्रनाथ…
पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद भड़की हिंसा ने एक बेहद खौफनाक मोड़ ले लिया है। बुधवार रात कोलकाता…
नोएडा से एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित यात्री…
देश की अर्धसैनिक बलों से जुड़ी एक अहम प्रशासनिक निर्देश सामने आया है, जिसमें अनुशासन और आचार संहिता को लेकर…
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए…
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पूरा देश गर्व और आत्मविश्वास के एक नये दौर में खड़ा दिखाई दे रहा…
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को राज्य में तत्काल नेतृत्व परिवर्तन की संभावना से इनकार किया और साथ ही…
भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए उन्हें “एन्हांस्ड कंप्रिहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाने…
पंजाब एक बार फिर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। जालंधर और अमृतसर में…
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पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के लिए मिला जुला चित्र प्रस्तुत किया है।…
मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आईपीएल 2026 में सभी 10 मैचों में खेलने के…
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में इस साल आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब बरकरार रखने वाली…
आज दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बीच होने वाले महत्वपूर्ण रिवेंज वीक मुकाबले…
केएल राहुल ने मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शीर्ष क्रम में…
मुंबई इंडियंस के स्टार रघु शर्मा ने सोमवार को आईपीएल में अपना पहला विकेट लेने के बाद…
अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजी…
ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा और रिचर्ड मैडेन की बहुप्रतीक्षित स्पाई-थ्रिलर सीरीज़ ‘सिटाडेल’ (Citadel) का दूसरा सीज़न बुधवार, 6 मई को प्राइम वीडियो पर दस्तक दे चुका है। जोश एपलबॉम, ब्रायन ओह और डेविड वेल द्वारा बनाई गई इस सीरीज़ ने 2023 में अपने पहले सीज़न से वैश्विक स्तर पर हलचल मचाई थी, और अब यह अपने दूसरे भाग के साथ और भी बड़े पैमाने पर वापस आई है। जिन लोगों ने सात एपिसोड की इस सीरीज़ को एक साथ देख डाला है, वे Citadel Season 2 पर अपनी प्रतिक्रियाएँ शेयर करने के लिए X (पहले Twitter) पर आ गए हैं। आइए देखते हैं कि इंटरनेट यूज़र्स इस स्पाई थ्रिलर शो के बारे में क्या कह रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Ek Din Movie Review | जापान की हसीन वादियों में खोई कहानी, जुनैद खान और साई पल्लवी की केमिस्ट्री रही बेअसरसोशल मीडिया पर ‘सिटाडेल 2’ का रिव्यू: फैंस के बीच छिड़ी बहससीज़न…
सोशल मीडिया पर यूनिक और आकर्षक कंटेंट बनाने की होड़ में अब एक और बड़ा कदम जुड़ गया है। मशहूर…
हाल ही में OnePlus का एक और नया 5G फोन चीन में लॉन्च किया है। कंपनी ने इस मॉडल का…
स्मार्टफोन इंडस्ट्री में इनोवेशन की दौड़ लगातार तेज होती जा रही है, और इसी कड़ी में Realme 16 5G ने…
New Delhi: Asthma patients on long-term inhalers who undergo spine surgery may face a higher risk of repeat operations, a…
र्मी में बढ़ता हुआ पारा हमारे शरीर पर असर करता है। जब तापमान अधिक होता है, तो इसकी वजह से…
New Delhi: All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) Delhi introduced “India’s first portable bedside MRI system,” enabling rapid brain…
New Delhi, India is emerging as a leading hub for ‘Medical Value Travel’ (MVT), with the medical tourism market estimated…
Bengaluru: As mental health concerns rise and more Indians turn to smartphone apps for support, choosing a trustworthy mental health…
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं। गर्भवती महिलाओं में हार्मोनल बदलावों और पेशाब का फ्लो…
क्या आप भी इस बार केदारनाथ जाने का प्लान बना रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल…
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की तरफ से यूपी में फॉरेस्ट गार्ड एवं वाइल्ड लाइफ गार्ड के खाली पदों पर भर्ती निकाली गई है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इस भर्ती के जरिए कुल 708 खाली पदों को भरा जाएगा। बता दें कि इस भर्ती के लिए 30 जून 2026 को आवेदन प्रोसेस शुरू हो जाएगा। वहीं आवेदन की लास्ट डेट 20 जुलाई 2026 है। वहीं 27 जुलाई तक शुल्क समायोजन एवं करेक्शन की लास्ट डेट तय की गई है। ऐसे में आवेदन के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार फॉर्म भर सकते हैं।क्वालिफिकेशनइस भर्ती में शामिल होने के लिए कैंडिडेट्स के…
वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी प्रमुख वन97 कम्युनिकेशंस ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) लाइसेंस के लिए आवेदन करने की योजना…
भारत का बौद्धिक संपदा तंत्र तेजी से मजबूत हो रहा है और देश नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की…
वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमत बुधवार को 11 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ 8,588 रुपये प्रति बैरल…
ब्रिटेन से एक अहम खबर सामने आई है, जहां तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों ने अपने अधिकारों और…
क्रिप्टो बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रमुख डिजिटल मुद्रा विनिमय कंपनी कॉइनबेस…
पश्चिम बंगाल में स्वाधीनता के पश्चात पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड और ऐतिहासिक बहुत मिला है। भाजपा ने बंगाल में दो शतक का आंकड़ा पार कर कर एक नई लकीर खींच दी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को जहां साल 2016 में 3 और 2021 में 77 सीटें मिलीं। वहां 4 मई 2026 को घोषित हुए चुनाव परिणाम में भाजपा ने 206 सीटों के साथ नया अध्याय लिख दिया है। अंततः भाजपा के लिए कभी असंभव माने जाने वाले पश्चिम बंगाल में भगवा लहरा गया है। भाजपा ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले को भेदकर वहां अपना विजय का परचम लहरा दिया है। बीजेपी की ये जीत कई मायनों में विशेष है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में जिसने भी वहां के जनमानस को देखा, वहां के लोगों के मनोभावों, मुखरता और मौन को देखा। उन्हें ये परिणाम अप्रत्याशित नहीं लगे। क्योंकि 2026 के चुनाव में बंगभूमि…
बंगाल केवल एक भौगोलिक भूभाग नहीं है, बल्कि यह वह विचार है जिसने आधुनिक भारत की आधारशिला रखी। आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला है, क्योंकि यह मात्र एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस माटी की अपनी जड़ों की ओर वापसी है, जिसने कभी ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरे आर्यावर्त को जगाया था। यह जीत उस संकल्प की सिद्धि है जो दशकों से बंगाल की गलियों में मौन था, किंतु मरा नहीं था। आज जब बंगाल में राष्ट्रवाद का भगवा ध्वज लहरा रहा है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि गंगासागर की लहरें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उन बलिदानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं, जिन्होंने एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। यह उस विचारधारा की विजय है जो मानती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही भारत की…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
Supporting Student Journalist.
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