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नयी दिल्ली, पांच अगस्त दिल्ली विश्वविद्यालय ने बुधवार को आगामी छात्र संघ चुनाव के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। यह चुनाव सितंबर में होने की संभावना है।…
नयी दिल्ली, पांच अगस्त संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार रात कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने का कोई प्रस्ताव नहीं…
लखनऊ, पांच अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान में विलंब पर 15 प्रतिशत ब्याज के बजाय 12 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी किए जा रहे रिकवरी…
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन बुधवार…
केंद्र सरकार ने बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की सेवा अवधि में एक साल का और विस्तार किया,…
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को आरोप लगाया कि कुछ यूट्यूबर और रिपोर्टर उनके घर…
नई दिल्ली। सरकार के साथ मिलकर समुदाय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मुहैया कराने में सक्रिय रूप से सहयोग…
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को पुलिस से कहा कि वे राजधानी के सभी पुलिस स्टेशनों में महिला कर्मचारियों के…
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को इस्लामिक संस्थानों के राजनीतिक आलोचकों पर निशाना साधा।…
गुजरात यूनिवर्सिटी, गुजरात की पहली और एकमात्र ऐसी स्टेट यूनिवर्सिटी बन गई है जिसे UGC कैटेगरी II ग्रेडेड ऑटोनॉमी मिली…
बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। आज भी विपक्ष ने संसद में अपना विरोध…
केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला के लिए 1.65 लाख लीटर ‘मिल्मा’ घी की खरीद और सप्लाई में कथित गड़बड़ियों की…
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, पांच अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की…
जम्मू/श्रीनगर, पांच अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए…
नयी दिल्ली, पांच अगस्त राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) को निर्देश दिया है कि…
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अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी बनाम अखिलेश की सियासत अब सीधे जातीय समीकरणों के अखाड़े में उतर चुकी है। मुख्यमंत्री…
हॉलीवुड की पॉप स्टार दुआ लीपा और ब्रिटिश अभिनेता कैलम टर्नर एक बार फिर चर्चा में हैं। शादी के करीब दो महीने बाद इस कपल ने पहली बार पति-पत्नी के रूप में रेड कार्पेट पर साथ एंट्री की। दोनों न्यूयॉर्क सिटी में कैलम टर्नर की अपकमिंग फिल्म वन नाइट ओनली के प्रीमियर में पहुंचे, जहां उनकी शानदार केमिस्ट्री ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।शादी के बाद पहली बार साथ दिखा कपलइटली के सिसिली में 6 जून को शादी के बंधन में बंधने के बाद दुआ लीपा और कैलम टर्नर पहली बार किसी बड़े पब्लिक इवेंट में साथ नजर आए। सोमवार को दोनों वन नाइट ओनली के न्यूयॉर्क सिटी प्रीमियर में पहुंचे और रेड कार्पेट पर एक-दूसरे के साथ कई पोज भी दिए। इस दौरान दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसे भी पढ़ें: हाथों में मैचिंग रिंग्स पहने नजर आए Gigi Hadid…
क्या आप भी रोजमर्रा की भागदौड़ से थक गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं। जहां…
राष्ट्रमंडल खेल केवल पदकों की प्रतियोगिता नहीं बल्कि किसी देश की खेल संस्कृति, प्रतिभा विकास, खेल विज्ञान, प्रशिक्षण व्यवस्था और दीर्घकालिक खेल नीति का दर्पण भी होते हैं। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों का समापन भारत के लिए अनेक उपलब्धियों, कुछ अधूरी अपेक्षाओं और भविष्य की नई संभावनाओं के साथ हुआ। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार प्रतियोगिता के कार्यक्रम में निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस इत्यादि…
नयी दिल्ली, पांच अगस्त दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल को कम कीमत वाले असीमित डेटा (अनलिमिटेड डेटा) प्लान के…
एचडीएफसी बैंक ने अपनी वार्षिक आम बैठक के दौरान निवेशकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि बैंक…
अमेरिका में प्रवासियों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त नीति लगातार चर्चा में बनी हुई है। अब सरकार ने…
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर महाराष्ट्र में एक नया विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी जहां 2029 की पहली छमाही में उत्पादन शुरू किया…
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अर्बन एक्सटेंशन रोड-द्वितीय (यूईआर-2) पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर ‘मल्टी-लेन फ्री…
जन सुराज पार्टी के संस्थापक व मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को लगभग 19 हजार वोटों से तगड़ी शिकस्त देकर न केवल चुनाव जीता, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया। प्रशांत किशोर की यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है। ऐसा इसलिए कि प्रशांत किशोर ने भाजपा के तीन दशक से अधिक पुराने गढ़ में अकल्पनीय जीत दर्ज की है और अपनी जन सुराज पार्टी को पहली बड़ी चुनावी सफलता दिलाई है। हालांकि, एक उपचुनाव के परिणाम के आधार पर पूरे राज्य के चुनाव के जनादेश का संकेत मान लेना एक बड़ी सियासी गलतफहमी होगी। फिर भी, उनकी यह जीत कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने बांकीपुर…
करीब तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल जगत और मीडिया के केंद्र में रहे पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को आखिरकार दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से बड़ी राहत मिल गई। महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। वैसे बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों के समर्थन में जिस तरह तमाम विपक्षी नेता खड़े हो गये थे उसके चलते यह सब कुछ शुरू से ही राजनीतिक षड्यंत्र नजर आ रहा था। उल्लेखनीय है कि जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन कराया गया था और धरने के मंच पर तमाम बड़े विपक्षी नेता पहुँचे थे और मंच से दिये गये भाषणों के जरिये भाजपा को महिला विरोधी बताया जा रहा था। साथ ही बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देशभर में माहौल बनवाने और मीडिया ट्रायल के जरिये उनकी छवि बिगाड़ने के…
लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है और सत्ता की आलोचना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत मानी जाती है। लेकिन जब विरोध की भाषा शालीनता की सीमा लांघकर व्यक्तिगत अपमान में बदल जाए, जब तर्क और तथ्यों की जगह गाली-गलौज और कटाक्ष ले लें, और जब वरिष्ठों के सम्मान जैसी बुनियादी सामाजिक मर्यादाओं का भी मजाक उड़ाया जाने लगे, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह लोकतांत्रिक विरोध है या फिर अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में सभ्य संवाद की संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश है?हाल के दिनों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, उसके प्रवक्ता सौरव दास और अभिनेत्री रिचा चड्ढा के बयानों ने इसी बहस को जन्म दिया है। तीनों के बयान अलग-अलग संदर्भों में आए, लेकिन उनकी भाषा और दृष्टिकोण में जो समानता दिखाई देती है वह है व्यक्तिगत कटाक्ष, वरिष्ठों के प्रति असम्मान और मर्यादा की…
भारत में 15 फरवरी 2021 से हर फोर-व्हीलर, चाहे वह प्राइवेट हो या कमर्शियल, के लिए FASTag होना ज़रूरी है। FASTag कार की विंड शील्ड पर चिपकाया जाता है और RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टेक्नोलॉजी और एक डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करके टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल पेमेंट करने में मदद करता है।देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए FASTag अनिवार्य किया गया है। हालांकि कई बार वाहन मालिकों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जब FASTag में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद वह ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) या हॉटलिस्ट (Hotlisted) हो जाता है। ऐसी स्थिति में टोल प्लाजा पर परेशानी के साथ अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।इसके अलावा, 1 अप्रैल 2021 से कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए भी FASTags ज़रूरी हो गए हैं। भारत में पब्लिक सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए कम से कम एक थर्ड-पार्टी फोर-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी की…
गिद्धों का भी एक धर्म होता है, वो जिंदा जानवरों का मांस नहीं खातीं। वह प्रतीक्षा करती हैं उसके मरने की और प्राण छोडऩे के बाद ही लोथड़ों को नोचती हैं। लेकिन आज का इंसान गिद्ध से भी ज्यादा विभत्स हो गया लगता है। नीट पेपर लीक को लेकर देश भर में प्राण गंवाने वाले 21 युवाओं के पोस्टर लगा कर दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के नेता इन युवाओं का शोक मनाना तो दूर बल्कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद फाइव स्टार होटलों में कुल्हे मटकाते और बोतलों के ढक्कन खोलते दिखे। पेपर लीक मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र हो गया और लगभग एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर पर लोकतंत्र की नई-नई रखवाली कॉकरोच जनता पार्टी का धरना भी खत्म हो गया पर दो दिनों के भीतर ही इन नए नवेले लोकतंत्र के रखवालों…
जब नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र राजनीति गरमाई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया और सोशल मीडिया मंच “इंस्टाग्राम” पर किए अपने एक लगभग 2.55 मिनट के सेल्फी वीडियो पोस्ट के माध्यम से जेन-जी से संवाद स्थापित कर विपक्षी नेताओं के सियासी चक्रब्यूह को सफलतापूर्वक भेद दिया। छात्र आंदोलन के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के सेल्फी वीडियो संवाद के नीतिगत व सियासी मायने दूरगामी प्रभाव वाले साबित होंगे।इस बात में कोई दो राय नहीं कि प्रधानमंत्री मोदी के इस निर्णायक पहल से पुनः यह स्पष्ट हो गया कि पीएम मोदी भारतीय राजनीति पर गहरी पकड़ रखते हैं और जब जब सियासी फुटबॉल सुर्खियों में आता है, तब तब वह खुद ही आगे आकर कांग्रेस के नेता प्तिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राजनीतिक मैदान का तगड़ा गोल मारते हुए उन्हें अप्रासंगिक बना डालते हैं। बीते 12 वर्षों में ऐसे कई मौके आए जब भाजपा का विकल्प…
नीट-यूजी की 3 मई 2026 को आयोजित मूल परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों के बाद 12 मई 2026 को सरकार ने नीट की परीक्षा को रद्द कर दिया था। तब से ही छात्रों में आक्रोश व्याप्त है और वह देश के विभिन्न हिस्सों में शांति पूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करके अपना जबरदस्त विरोध प्रकट कर रहे थे। लेकिन अचानक ही 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक एक पार्टी बन जाती है और वह पार्टी छात्रों के आंदोलन में कूद पड़ती है, उस पार्टी के द्वारा दिल्ली में जून के प्रथम सप्ताह से धरना प्रदर्शन शुरू किया जाता है, इस धरना प्रदर्शन में सबकुछ ठीक ठाक ही चल रहा था, लेकिन जब से कुछ राजनेताओं की एंट्री हुई है तब से ही छात्रों की मूल मांगो से खिलवाड़ होना शुरू हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा के पेपर लीक के इस मामले…
समय के साथ सोच में एक बड़ा बदलाव तेजी से यह देखने में आ रहा है कि यदि जुखाम, बुखार, खांसी जैसी सामान्य बीमारी में भी डॉक्टर की दवा से तत्काल राहत नहीं मिलती तो अब डॉक्टर बदलने में कोई गुरेज नहीं होता। देखा जाएं तो तुरंत स्वास्थ्य लाभ की प्रवृति के कारण डॉक्टर के ईलाज पर विश्वास में कहीं ना कहीं कमी देखने में आने लगी है और इसके परिणाम स्वरुप महानगरों में डॉक्टर शापिंग का नया ही चलन चलने लगा है। खासतौर से मरीज से मिलने-मिलाने वाले चिकित्सक बदलने की सलाह देने में किसी तरह का कोई गुरेज नहीं करते। चिकित्सक बदलने में कोई बुराई नहीं है पर जिस चिकित्सक से ईलाज करवा रहे हैं उससे बीमारी ठीक होने की संभावना के संबंध में चर्चा करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अन्य चिकित्सक की सलाह लेना और चिकित्सक बदलने में हमें अंतर करके चलना होगा। बीच ईलाज ही बार…
चुनावों के दौरान भाजपा नारा देती रही है। डबल और ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने को। अर्थात भाजपा का शासन केंद्र में हो, राज्य में हो और महानगर निगमों में भी हो तो विकास भी दुगनी ओर तीगुनी रफ्तार से होगा। देश के ज्यादातर मतदाताओं ने भाजपा की बात पर भरोसा भी कर लिया और केंद्र के अलावा कई राज्यों में सरकार और महा नगर निगमों में भाजपा बोर्ड बनवा दिया। अब मतदाता निंश्चिंत हो गए कि चलो जिन जहां तीन स्थानों पर भाजपा की सरकार है, वहां विकास रॉकेट की रफ्तार से उड़ेगा। लेकिन परिणाम जन अपेक्षाओं के विपरीत आए। महानगरों में रहने वाले लोगों की हालत नरक में रहने जैसी हो गई। प्रदूषण से लोग जहरीली सांस लेने को मजबूर हो गए। पानी बिजली के लिए हाहाकार मच गया। ट्रेफिक जाम से लोगों की सांस फूल गई। बारिश के दौरान पूरा शहर जलमग्न हो गया। सड़कों पर गडढों में…
आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। नौकरीपेशा लोगों को अक्सर कंपनी की ओर से कॉर्पोरेट हेल्थ इंश्योरेंस मिलता है, जबकि कई लोग अलग से रिटेल (पर्सनल) हेल्थ इंश्योरेंस भी खरीदते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों में कौन-सा विकल्प बेहतर है और क्या केवल कंपनी के बीमा पर निर्भर रहना सही है?वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों योजनाओं के अपने-अपने फायदे और सीमाएं हैं। इसलिए फैसला अपनी जरूरत, परिवार की स्वास्थ्य आवश्यकताओं और भविष्य की योजना को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।इसे भी पढ़ें: पेंशन की टेंशन खत्म, इन Investment Plans से करें अपना बुढ़ापा सिक्योरक्या होता है कॉर्पोरेट हेल्थ इंश्योरेंस?कॉर्पोरेट हेल्थ इंश्योरेंस वह पॉलिसी होती है जिसे कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए समूह बीमा (Group Health Insurance) के रूप में खरीदती है।मुख्य विशेषताएं:- प्रीमियम का भुगतान आमतौर पर कंपनी करती है।- कर्मचारी…
Supporting Student Journalist.
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