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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने शनिवार को राजधानी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार…
दिल्ली पुलिस ने एआई शिखर सम्मेलन में बिना शर्ट पहने प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिमांड मांगते हुए शनिवार को कहा कि आरोपियों ने नेपाल में हुए प्रदर्शन के समान…
श्रीनगर में शनिवार को एक भीषण हादसा हुआ, जब सीआरपीएफ का एक बंकर वाहन सड़क से फिसलकर सौरा के दागपोरा इलाके में एक नहर में गिर गया। इस घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शुक्रवार को मेरठ के शताब्दी नगर स्थित माधवकुंज में आयोजित…
बिहार की राजनीति में इन दिनों शब्दों के बाणों से ‘महाभारत’ छिड़ी हुई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact…
अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा को शुक्रवार को एक विशेष अदालत ने कथित 150 करोड़ रुपये…
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी, जो रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष…
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोझी ने शुक्रवार को डीएमके-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती को…
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि…
उत्तर प्रदेश सरकार ने रमज़ान के दौरान मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार…
पटना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बिहार में सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दलों के 42 विधायकों को नोटिस जारी कर…
मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) के कथित भूमि आवंटन मामले में सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा लड़ने वाली कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा…
भारत 2026 में कई व्यापार सौदों और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए तैयार है, जिसकी…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जयदीप सिंह सेंगर उर्फ अतुल सिंह को कल तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।…
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वेलेंटाइन वीक में जहां दुनिया भर के युगल प्रेम और रोमांस में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं चीन के कई युवक युवतियां विवाह और रिश्तों…
टी20 वर्ल्ड कप से जुड़ा भारत-पाकिस्तान मुकाबला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।…
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण के मैच में पाकिस्तान…
भारत की उभरती हुई निशानेबाज सुरुचि सिंह और विश्व चैंपियन सम्राट राणा को शानदार प्रदर्शन करने के…
NBA की हालिया ट्रेड डील, जिसमें जेम्स हार्डन को क्लीवलैंड कैवेलियर्स भेजा गया, ने बास्केटबॉल जगत में…
नासिर हुसैन ने एक चौंकाने वाला बयान जारी करते हुए भारत के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश के…
पिछले साल भारत की पहली आईसीसी महिला विश्व कप जीत की नायिकाओं में से कुछ, जिनमें कप्तान-उप-कप्तान…
चेक बाउंस मामले में 12 दिन तिहाड़ जेल में बिताने के बाद, मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को अंतरिम जमानत पर राहत मिली है। जेल से बाहर आते ही अभिनेता सीधे अपने पैतृक गांव कुंदरा (उत्तर प्रदेश) पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपनी भतीजी की शादी के जश्न में शिरकत की। राजपाल यादव को 19 फरवरी को आयोजित अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट से विशेष रूप से अंतरिम जमानत मिली है। जेल की सलाखों के पीछे रहने के बाद अपने परिवार के बीच पहुंचे राजपाल काफी भावुक और ऊर्जा से भरे नजर आए। उन्होंने अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताया, त्योहारों का आनंद लिया। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो वायरल हुए, जिसमें वह अपनी पत्नी राधा यादव और रिश्तेदारों के साथ जोश के साथ डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Top 10 Breaking News | 21 February 2026 | दिल्ली में बड़े आतंकी…
हमारे शरीर में जब भी किसी तरह की गड़बड़ी की शुरूआत होती है, तो कोई भी अंग ठीक से काम…
हमारे ब्लड में हीमोग्लोबिन एक बेहद जरूर प्रोटीन होता है, जोकि रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है। इसका मुख्य…
बारिश का मौसम अपने साथ गर्मी से राहत दिलाती है और ताजगी लाता है। लेकिन इसके साथ कई बीमारियां भी…
क्या आप भी पुरी जगन्नाथ जाने का प्लान बना रहे हैं? तो आपको बता दें कि, भारतीय रेलवे…
नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं के लिए शानदार खबर सामने आई है। ग्रेजुएट उम्मीदवार जिनको कंप्यूटर पर काम करना आता है, उनके लिए बेहतरीन जॉब का ऑफर है। दरअसल, भारतीय चुनाव आयोग को योग्य युवाओं की जरुरत हैं, जिन्हें डाटा एंट्री का काम करना आता हो। चुनाव आयोग ने हाल ही में अपने ऑफिस के लिए भर्ती निकाली है। ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट इंडिया लिमिटेड (BECIL) ने इस वैकेंसी का नोटिफिकेशन अपनी आधिकारिक वेबसाइट www.becil.com पर जारी किया है। आवेदन ऑफलाइन लिए जा रहे हैं।जो युवा कंप्यूटर से संबंधित कार्यों में रुचि रखते हैं और किसी प्रतिष्ठित संस्थान में काम…
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक शुल्कों को रद्द किए…
गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट इंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका-भारत…
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। अमेरिकी चिप दिग्गज क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज (Qualcomm) और टाटा…
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार…
वॉशिंगटन पोस्ट के पब्लिशर और सीईओ विल लुईस ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला…
भारत में म्यूचुअल फंड को मुख्य रूप से स्ट्रक्चर, एसेट क्लास, इन्वेस्टमेंट के मकसद और रिस्क प्रोफ़ाइल के आधार पर बांटा जाता है। ये कैटेगरी इन्वेस्टर को ऐसी स्कीम चुनने में मदद करती हैं जो उनके फाइनेंशियल लक्ष्यों, लिक्विडिटी की ज़रूरतों और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से हों। मुख्य तरह के फंड में इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और मनी मार्केट फंड शामिल हैं।म्यूचुअल फंड भारत के सबसे पसंदीदा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में से एक बन गए हैं, जो डाइवर्सिफिकेशन, प्रोफेशनल फंड मैनेजमेंट और कई तरह के एसेट क्लास तक आसान एक्सेस देते हैं। चाहे आप पहली बार इन्वेस्टर हों या लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो बना रहे हों, अलग-अलग तरह के म्यूचुअल फंड को समझने से आपको क्लैरिटी और कॉन्फिडेंस के साथ इन्वेस्ट करने में मदद मिलती है।म्यूचुअल फंड क्या होता है?म्यूचुअल फंड एक इन्वेस्टमेंट का तरीका है जो कई इन्वेस्टर्स से पैसा इकट्ठा करके स्टॉक्स, बॉन्ड्स और दूसरी सिक्योरिटीज़ के अलग-अलग तरह…
चिरंजीवी सदन ‘राज्यसभा’ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए वर्ष 2026 में विभिन्न चरणों में खाली होने वाली कुल 71-75 सीटें के लिए चुनाव होंगे, जो पूरे वर्ष अप्रैल और नवंबर में भरी जाएंगी। लिहाजा, इन चुनावों के राजनीतिक मायने गहन व अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव जहां एनडीए की बहुमत मजबूती बढ़ा सकते हैं, वहीं विपक्ष को भी कमजोर कर सकते हैं। इससे भाजपा व उसके साथियों का चुनावी हौसला बढ़ेगा।जहां तक इनकी प्रमुख तारीखों की बात है तो चुनाव आयोग ने पहले चरण में 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव घोषित किए हैं। जिसके लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी होगी, नामांकन 5 मार्च तक, और मतदान-मतगणना 16 मार्च 2026 को। जबकि बाकी सीटें नवंबर में भरी जाएंगी, जिसमें उत्तर प्रदेश की 10 सीटें सबसे महत्वपूर्ण हैं। इन दस चुनावी राज्यों में से 6 राज्यों में एनडीए की सरकार है, जबकि 4 राज्यों में इंडी गठबंधन के घटक…
दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश देने वाला जनतांत्रिक भारत आज जातीय, धार्मिक और क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने वाली ‘ब्रितानी’ व ‘मुगलिया’ सियासत के चक्रब्यूह में फंसा पड़ा है। इससे ‘सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ जैसी उसकी उदात्त सोच भी कठघरे में खड़ी प्रतीत हो रही है। यहां की प्रतिभाशाली और प्रभुत्ववाली सामान्य जातियों (सवर्णों) के खिलाफ देश में जो लक्षित पूर्वाग्रही राजनीति कथित दलित-ओबीसी नेताओं के द्वारा की जा रही है, उससे देश व समाज के सामने विभिन्न नैतिक व वैधानिक सवाल उठ खड़े हुए हैं! हैरत की बात है कि सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की जगह बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के नारे लगाए जाते हैं। कहीं जाति, कहीं धर्म और कहीं भाषा-क्षेत्र के नाम पर लोगों के उत्पीड़न हो रहे हैं। वहीं कहीं सामाजिक न्याय आधारित आरक्षण और साम्प्रदायिक सोच आधारित अल्पसंख्यकवाद के अव्यवहारिक पहलुओं को हवा देकर आमलोगों को उल्लू बनाया जा रहा है। आलम यह है…
विगत कुछ माह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमुदाय को सरकार के निर्णयों से अवगत कराने के लिए पाती लिखने का अभिनव प्रयोग कर रहे हैं। इस बार बजट के बाद लिखी अपनी पाती में उन्होंने उत्तर प्रदेश के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की विशेषताओ पर प्रकाश डाला है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यह बजट युवाओं व नारी शक्ति के लिए एक ऐतिहासिक बजट है। उत्तर प्रदेश का यह बजट नवाचार का बजट है। नवनिर्माण के 9 वर्षों की यह यात्रा प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमत्री योगी पूर्व में भी कह चुके हैं कि विगत नौ वर्षों में यूपी असीमित क्षमताओं वाला प्रदेश बन चुका है।इस बजट में युवाओं को रोजगार उपलबध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है। उभरती हुई नयी तकनीकीकी कई बड़ी घोषणाएं…
पर्सनल लोन क्या होता है?पर्सनल लोन एक बिना गारंटी (नो कोलेटरल) ऋण होता है जिसे आप अपनी व्यक्तिगत जरूरतों जैसे मेडिकल खर्च, शादी, यात्रा, शिक्षा, आदि के लिए ले सकते हैं। यह आम तौर पर बैंक या NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के माध्यम से मिलता है। पर्सनल लोन में आय, नौकरी की स्थिरता, CIBIL स्कोर, मौजूदा EMI बोझ जैसे कई फैक्टर ध्यान में रखे जाते हैं।क्या कम सैलरी पर भी पर्सनल लोन मिलता है?हाँ, कम सैलरी पर भी पर्सनल लोन मिल सकता है, लेकिन इसकी मंज़ूरी और लोन राशि आपके इनकम, क्रेडिट हिस्ट्री और वित्तीय प्रोफ़ाइल पर निर्भर करती है। पारंपरिक बैंक अक्सर कुछ न्यूनतम सैलरी लिमिट रखते हैं, जैसे ₹25,000–₹30,000 प्रति माह, लेकिन कई NBFCs और कुछ बैंक ₹15,000–₹20,000 या उससे भी कम सैलेरी वालों को भी लोन देने लगे हैं। इनकम के अलावा, क्रेडिट स्कोर (CIBIL), नौकरी की स्थिरता और मौजूदा कर्ज/EMI बोझ भी मंज़ूरी को प्रभावित करते…
देश में संसद की गरिमा में गिरावट जारी है। लोकसभा स्पीकर जैसा गरिमामय और संवैधानिक पद विवादास्पद बना हुआ है। लगभग समूचा विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ बांहे चढ़ाए हुए है। बिरला पर विपक्ष लंबे समय से पक्षपात करने का आरोप लगाता आ रहा है। स्पीकर बिरला पर विपक्षी सदस्य लगातार उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन और सत्तापक्ष की खुलेआम पैरवी करने का आरोप लगाते रहे हैं। इस बार भी मुद्दा यही है। विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है। हालांकि, गणित और इतिहास को देखें तो उन्हें हटाना बेहद मुश्किल है, लेकिन यह कदम आने वाले दिनों में संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट को और बढ़ा सकता है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सदन में भाषण होना था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया उनके…
कोरियन लवर गेम के चलते गाजियाबाद की तीन बहनों की खुदकुशी ने आज के हालात और बच्चों की बदलती मानसिकता को लेकर झकझोर कर रख दिया है। अभी तीन बहनों की चिता की आग ठंड़ी भी नहीं हुई कि ऑनलाइन गेम के चलते मेरठ का 22 वर्षीय युवक मोहम्मद कैफ हेडफोन लगाकार गेम खेलते खेलते ही बेहोश होकर गिर गया और ब्रेन हेमरेज होने से मौत के आगोश में समा गया। इसे इंटरनेट गेमिंग डिसआर्डर के रुप में देखा व समझा जा सकता है। इस तरह की घटनाएं देश दुनिया में आये दिन हो रही है और इनमें से कुछ ही घटनाएं हमारे सामने आ पाती है। ऑनलाइन गेम की गिरफ्त में हमारे देश के ही बच्चे या युवा आ रहे हो ऐसा है नहीं अपितु दुनिया के अधिकांश देश इस समस्या से दो चार हो रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को हत्या के रुप में ही देखा जाना…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
Supporting Student Journalist.
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