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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का गुरुवार को पूर्ण विस्तार हुआ, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मंत्री बनाया जाना प्रमुख आकर्षण रहा। चौधरी के मंत्रिमंडल में अब तीन पूर्व…
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन परियोजना के लिए औपचारिक रूप से चीन से समर्थन मांगा है। यह कदम भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर असर डाल सकता है। बांग्लादेश की…
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में संजय कपूर परिवार ट्रस्ट विवाद में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया। यह विवाद दिवंगत उद्योगपति की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया…
केरल विधानसभा चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की महत्वपूर्ण जीत के बाद कांग्रेस नेताओं और एआईसीसी पर्यवेक्षकों अजय माकन…
West Bengal: BJP सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर Kolkata Police अलर्ट, Brigade Ground में 4000 जवान तैनात
कोलकाता स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह…
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के कुछ ही दिनों बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेन्दु अधिकारी के निजी…
बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरा होने पर बृहस्पतिवार को अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर…
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हाल ही में खिंचे संघर्ष ने दुनिया भर के सैन्य रणनीतिकारों को अपनी धारणाएं बदलने…
आज भारत अपनी सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के एक ऐतिहासिक अध्याय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है।…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के…
पश्चिम बंगाल में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए BJP के वरिष्ठ नेता बड़ी संख्या में…
तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर अपने पुराने और चर्चित रंग में लौट आई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में शुरू हुआ हिंसा का दौर थमता…
आज पूरा देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ मना रहा है। यह वह सैन्य अभियान था जिसने वैश्विक मंच पर…
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पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के लिए मिला जुला चित्र प्रस्तुत किया है।…
अपनी फिल्मों के जरिए राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठाने वाले मशहूर फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने पर भारतीय सशस्त्र बलों और देश के नेतृत्व को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। अग्निहोत्री, जो वर्तमान में इसी सैन्य ऑपरेशन पर आधारित एक बड़ी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, ने सोशल मीडिया पर एक गौरवपूर्ण संदेश साझा किया। इसे भी पढ़ें: Matka King Season 2 Confirmed: विजय वर्मा फिर मचाएंगे तहलका, प्राइम वीडियो ने जारी किया नया पोस्टरअग्निहोत्री ने X पर लिखा, “एक साल हो गया जब भारत ने दुनिया को दिखाया कि शांति हमारा स्वभाव है, लेकिन चुप्पी हमारी कमजोरी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “आज, मैं @narendramodi के नेतृत्व में हमारे नेतृत्व और हमारी बहादुर सेना की बहादुरी के आगे, और हर उस भारतीय की भावना के आगे सिर झुकाता हूँ जो राष्ट्रीय संकल्प के क्षण में एकजुट होकर खड़ा रहा।”फिल्ममेकर ने यह…
क्या आप भी इस बार केदारनाथ जाने का प्लान बना रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल…
Hindi NewsCareerNIT Kurukshetra Student Suicides | Academic & Financial Pressure16 मिनट पहलेकॉपी लिंकNIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी।2 महीने में 5 मौतें हुईं16 अप्रैल को कॉलेज के हॉस्टल में एक स्टूडेंट दीक्षा दुबे ने सुसाइड किया। दीक्षा AI एंड डेटा साइंस की फर्स्ट सेमेस्टर की स्टूडेंट थी। वो बिहार के बक्सर की रहने…
आइशर मोटर्स के स्वामित्व वाली मोटरसाइकिल विनिर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड तिरुपति जिले के सत्यवेदु में एक विनिर्माण इकाई…
देश के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी कंपनी…
भारत का बौद्धिक संपदा तंत्र तेजी से मजबूत हो रहा है और देश नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की…
‘सीपी प्लस’ ब्रांड के तहत वीडियो सुरक्षा एवं निगरानी उत्पाद प्रदान करने वाली कंपनी आदित्य इन्फोटेक लिमिटेड का शेयर अपने…
ANIइलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि मस्क को पहले टेस्ला को सशर्त शेयर…
पश्चिम बंगाल में स्वाधीनता के पश्चात पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड और ऐतिहासिक बहुत मिला है। भाजपा ने बंगाल में दो शतक का आंकड़ा पार कर कर एक नई लकीर खींच दी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को जहां साल 2016 में 3 और 2021 में 77 सीटें मिलीं। वहां 4 मई 2026 को घोषित हुए चुनाव परिणाम में भाजपा ने 206 सीटों के साथ नया अध्याय लिख दिया है। अंततः भाजपा के लिए कभी असंभव माने जाने वाले पश्चिम बंगाल में भगवा लहरा गया है। भाजपा ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले को भेदकर वहां अपना विजय का परचम लहरा दिया है। बीजेपी की ये जीत कई मायनों में विशेष है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में जिसने भी वहां के जनमानस को देखा, वहां के लोगों के मनोभावों, मुखरता और मौन को देखा। उन्हें ये परिणाम अप्रत्याशित नहीं लगे। क्योंकि 2026 के चुनाव में बंगभूमि…
बंगाल केवल एक भौगोलिक भूभाग नहीं है, बल्कि यह वह विचार है जिसने आधुनिक भारत की आधारशिला रखी। आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला है, क्योंकि यह मात्र एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस माटी की अपनी जड़ों की ओर वापसी है, जिसने कभी ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरे आर्यावर्त को जगाया था। यह जीत उस संकल्प की सिद्धि है जो दशकों से बंगाल की गलियों में मौन था, किंतु मरा नहीं था। आज जब बंगाल में राष्ट्रवाद का भगवा ध्वज लहरा रहा है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि गंगासागर की लहरें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उन बलिदानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं, जिन्होंने एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। यह उस विचारधारा की विजय है जो मानती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही भारत की…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं जीवन से हार मानने को विवश हो जाती हैं। कोई भी युवा, जो कठिन प्रतिस्पर्धा से गुजरकर ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचता है, वह सहज रूप से जीवन का परित्याग नहीं करता, वह तब यह निर्णय लेता है जब उसे हर ओर अंधकार ही अंधकार दिखाई देता है। यह अंधकार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक और संस्थागत विफलताओं का सम्मिलित परिणाम है। एक बड़ा सवाल है कि इस तरह छात्रों का आत्मघात करना क्या सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी? आज भारत का भविष्य कहे जाने वाले युवा जिस मानसिक…
Supporting Student Journalist.
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