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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में अरब लीग के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की और इस बात पर जोर दिया कि व्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बढ़ा हुआ सहयोग…
एनसीपी नेता जीशान सिद्दीकी ने शनिवार को दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक पदोन्नति पर उनकी सराहना करते हुए इसे “एक बहुत बड़ी उपलब्धि” बताया। उन्होंने कहा,…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की है। खुद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट पर इस बात की जानकारी दी है। इसके बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने भी पोस्ट…
तेलंगाना राज्य के पहले मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष कलवाकुंतला चंद्रशेखर राव के खिलाफ मौजूदा सरकार द्वारा की जा रही अलोकतांत्रिक…
दिवंगत अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह पद…
एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार ने आज महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। इससे पहले उन्हें एनसीपी विधायक…
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की संजय भंडारी की संपत्तियों को जब्त करने की याचिका पर…
दिल्ली की साकेत अदालत ने शनिवार को अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी की सुनवाई का समय बढ़ा…
दिल्ली में अवैध औद्योगिक इकाइयों के निरंतर संचालन को “गंभीर पर्यावरणीय उल्लंघन” बताते हुए, जिससे वायु और जल प्रदूषण हो…
बन्नी का अनमोल रत्न छारी-धंध आधिकारिक तौर पर रामसर साइट घोषित कर दिया गया है। यह गुजरात का पांचवां और…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की…
केंद्रीय बजट 2026 से पहले, कर्नाटक के कानून मंत्री एच.के. पाटिल ने भारत की संघीय संरचना को मजबूत करने और…
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी से बारिश और हिमपात का एक नया दौर शुरू होने…
पीरियड्स को लेकर समाज की सोच बदली है लेकिन आज भी इसके बारे में खुलकर बात नहीं की जाती। स्कूलों…
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को भारत जोड़ो यात्रा की तीसरी वर्षगांठ मनाते हुए इसे पार्टी नेता राहुल गांधी…
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इन दिनों विपक्ष उत्तर प्रदेश में दो घटनाओं के माध्यम से अपनी राजनीति साधने के प्रयास में है। पहली घटना वाराणसी के मर्णिकर्णिका घाट के नवीनीकरण के…
स्पेन के कार्लोस अल्काराज़ ने पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई है। विश्व नंबर…
आयरलैंड के दिग्गज क्रिकेटर पॉल स्टर्लिंग ने पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले…
पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने पुष्टि की है कि आगामी आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा…
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली के करोड़ों प्रशंसकों के लिए शुक्रवार की सुबह किसी पहेली से…
दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के ग्रुप डी मैच के पहले दिन बृहस्पतिवार को मुंबई के खिलाड़ियों…
एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में, भारतीय मूल की मशहूर फिल्म निर्देशक मीरा नायर का नाम कुख्यात एप्सटीन फाइल्स से जुड़ने के बाद चर्चा में आ गया है। यह सुर्खियाँ उनके सिनेमा में योगदान के बजाय एक अलग ही कारण से बनी हैं। ‘मॉनसून वेडिंग’ और ‘द नेमसेक’ जैसी चर्चित फिल्मों के लिए पहचानी जाने वाली मीरा नायर एक प्रतिष्ठित फिल्मकार होने के साथ-साथ न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल के सदस्य जोहरान ममदानी की माँ भी हैं। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी किए गए कुछ दस्तावेज़ों में वर्ष 2009 के एक ईमेल का उल्लेख सामने आया है, जिसमें एक पार्टी का जिक्र है और उसमें मीरा नायर का नाम शामिल बताया गया है।एप्सटीन फाइल्स, जिनमें दिवंगत फाइनेंसर जेफ्री एप्सटीन से जुड़े व्यापक सामाजिक नेटवर्क का विवरण है, लगातार सार्वजनिक बहस का विषय बनी हुई हैं। इन दस्तावेज़ों में राजनीति, मनोरंजन और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई चर्चित नाम सामने आए…
अभी Apple 2026 में बड़ा धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयारी में जुट गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,…
आज के डिजिटल दौर में ईमेल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बैंक अलर्ट, ऑफिस मेल,…
निसान मोटर इंडिया भारतीय बाजार में सब-4 मीटर सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी ने…
New Delhi, A deeply concerning picture of India’s mental health landscape emerged at the 77th Annual National Conference of the…
New Delhi: India accounts for more than 43% of Asia’s chronic respiratory disease–related disability, the highest share in the region,…
महिलाओं में पाए जाने वाले आम कैंसरों में से एक है सर्वाइकल कैंसर। सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स)…
New Delhi: As India prepares for the Union Budget 2026–27, healthcare leaders across hospitals, diagnostics and medical devices are urging…
New Delhi: More than 11 crore people have received free hospital treatment under the Ayushman Bharat Jan Arogya Yojana (AB-JAY)…
सेहतमंद रहना कितना जरूरी होता है, यह बात हमें तब समझ आती है, जब हमारा स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है। कई…
दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनको घूमना, नई जगहों को एक्सप्लोर करना और अलग-अलग संस्कृतियों को…
10 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी बिहार सेकेंड इंटर लेवल के तहत 25,311 भर्ती की। रेलवे में 21,997 पदों पर वैकेंसी की। साथ ही, भारत संचार निगम लिमिटेड में 120 पदों के भर्ती के नोटिफिकेशन की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.…1. बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में 809 वैकेंसी बढ़ीबिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (BSSC) की ओर से सेकेंड इंटर लेवल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (BSSC 2nd Inter Level recruitment 2025) के तहत 809 वैकेंसी बढ़ा दी गई है। अब कुल मिलाकर 25,311 पद भरे जाएंगे। इससे पहले इस भर्ती के…
अरबपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी ने धोखाधड़ी के एक दीवानी मामले में अमेरिकी प्रतिभूति और…
वायदा कारोबार में शुक्रवार को चांदी और सोने की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी…
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को लेकर कांग्रेस पार्टी के रवैये पर जमकर निशाना साधा। भारत-यूरोपीय…
केंद्रीय बजट 2026 से पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 पेश किया।…
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। आर्थिक…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय एक ऐसे संक्रमण काल से गुजर रही है, जहां सत्ता, संघर्ष, कानून और जनभावना-चारों धाराएं एक-दूसरे से टकराती हुई दिखाई देती हैं। यह टकराव केवल भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भर नहीं है, बल्कि यह उस शासन शैली, लोकतांत्रिक मर्यादा और विकास दृष्टि की भी परीक्षा है, जिसके आधार पर बंगाल अपनी आने वाली राजनीतिक दिशा तय करेगा। लंबे समय तक “खेला होगा” के नारे के सहारे भाजपा को रोकने में सफल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने इस बार परिस्थितियां अपेक्षाकृत अधिक जटिल, चुनौतीपूर्ण और बहुआयामी नजर आ रही हैं। आज समूचे देश की नजरे पश्चिम बंगाल पर टिकी है। वहां आगामी विधानसभा काफी रोमांचक एवं निर्णायक होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल का नया भविष्य बुनने की दिशाएं उद्घाटित होगी। एक ओर केंद्र और राज्य के बीच टकराव अपने चरम पर है, तो दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, अदालती…
महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न शहरी निकाय चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा, प्रवृत्ति और भविष्य का संकेत देने वाला एक बड़ा जनादेश बनकर सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। यह बदलाव केवल सत्ता के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक सोच, जन अपेक्षाओं और लोकतांत्रिक व्यवहार में गहरे परिवर्तन का द्योतक है। इन चुनावों ने जहां भगवा राजनीति की वैचारिक और संगठनात्मक शक्ति को नए सिरे से रेखांकित किया है, वही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक सोच एवं विकास की राजनीति को आगे बढ़ाया है। यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब विधानसभा चुनावों में विपक्ष को करारी शिकस्त दिए जाने को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था। इसके बावजूद राज्यव्यापी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन…
बीएमसी चुनाव 2026 में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। यह जीत ठाकरे परिवार के तीन दशक पुराने दबदबे को समाप्त करती है। बीएमसी के 227 वार्डों में बहुमत चिह्न 114 है, जहां महायुति 118 वार्डों में विजयी रही। इस चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि शिंदे की शिवसेना को 29 मिलीं, जिससे महायुति गठबंधन को 118 सीटों का बहुमत प्राप्त हुआ। जबकि शिवसेना (यूबीटी) को मात्र 65 सीटें मिलीं, जो अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन रहा। वहीं, कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को 8 एनसीपी अजीत पवार को 3, सपा को 2 और एनसीपी शरद पवार को 1 सीट मिली। वहीं, राज्य के अन्य निकायों में भी भाजपा ने 25 में से 29 पर कब्जा जमाया।देखा जाए तो कुल 227 वार्डों में मुंबई की सबसे अमीर निगम या यूं कहें देश के भी सबसे अमीर नगर निगम पर भाजपा नीत गठबंधन…
Supporting Student Journalist.
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