TRENDING NEWS
बलिया की एक अदालत के आदेश के बाद जिले के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला अस्पताल के तीन चिकित्सकों समेत पांच लोगों के खिलाफ जालसाजी और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस…
शुक्रवार को पाकिस्तान में पुलिस ऑफिस कॉम्प्लेक्स के पास एक मस्जिद के नजदीक हुए धमाके में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। खबरों के मुताबिक,…
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की हिंदी सेवा एक नहीं, अनेक दृष्टियों से ध्यान देने योग्य है। मूलतः गुजरातीभाषी शाह स्वयं हिंदी में काम करते हैं, इसलिए स्वाभाविक तौर पर हिंदी में सरकारी कामकाज…
जम्मू में सड़क किनारे जन्मदिन मना रहा एक युवक उसके चेहरे पर केक लगाये जाने पर इतना नाराज हो गया…
भारतीय रेलवे देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन की सर्विस को दिल्ली तक बढ़ाने की योजना बना रही है। अभी…
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे ने शुक्रवार को अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य…
दिल्ली के शाहदरा जिले में सोशल मीडिया के जरिए एक युवक को आनंद विहार के एक रेस्तरां में बुलाकर कथित…
भारत के चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश के बाद, जिसमें ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम को फ्रीज़…
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान जारी रहने के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और…
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP की प्रस्तावित ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को लेकर उस पर हमले तेज़…
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम इलाके में अफ्रीका एवेन्यू रोड पर एक कार ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को…
वर्ष 1812 में 18 सितंबर के दिन ही मॉस्को में आग लगने से शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो…
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पार्षद के पति और कारोबारी शेर बहादुर…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज…
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक महिला की अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर लगाकर आपत्तिजनक पोस्ट…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए शायद यह सोचा होगा कि उन्होंने आकाश आनंद की राजनीति शुरू…
ओलंपियन और एशियाई चैंपियनशिप के तैराक श्रीहरि नटराज ने शुक्रवार को चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026…
इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई एकदिवसीय सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट…
भारत की अंडर20 फुटबॉल टीम 2027 में होने वाले एएफसी अंडर20 एशियाई कप क्वालीफायर की तैयारियों के…
पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने विश्व शतरंज की सर्वोच्च संस्था फिडे के अंतरिम अध्यक्ष…
(सौमोज्योति एस चौधरी) नयी दिल्ली, 24 जुलाई भारत के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने अपने सुनहरे कैरियर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लास्गो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे भारतीय दल को…
कुणाल खेमू जब भी कॉमेडी की दुनिया में कदम रखते हैं, तो दर्शकों की उम्मीदें खुद-ब-खुद बढ़ जाती हैं। बतौर अभिनेता अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग साबित कर चुके खेमू अपनी नई फिल्म ‘Vibe’ के जरिए कॉमेडी और स्पाई-थ्रिलर (Spy-Thriller) का अनूठा तड़का लेकर आए हैं। फिल्म अपने शुरुआती पलों में एक बेफिक्र, अनोखी और हल्की-फुल्की दुनिया रचने में कामयाब होती है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी स्पाई मिशन और अंतरराष्ट्रीय साजिशों की ओर बढ़ती है, इसकी पकड़ ढीली होने लगती है।क्या है ‘Vibe’ की कहानी?फिल्म का ताना-बाना हार्दिक (कुणाल खेमू) के इर्द-गिर्द बुना गया है, जो बेहद लापरवाह जिंदगी जीता है और किसी भी गंभीर परिस्थिति को मजाकिया बना सकता है। उसके साथ है उसका दोस्त भागीरथ उर्फ बग्स (स्पर्श श्रीवास्तव), जो स्वभाव में उससे बिल्कुल अलग लेकिन हर कदम पर उसका साथ देने वाला साथी है।रोमांटिक एंगल: हार्दिक की जिंदगी में करीना (वंशिका धीर) के आने से कहानी एक हल्की-फुल्की रॉम-कॉम…
कैंची धाम को नीम करोली बाबा के आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। हर महीने यहां…
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवार के लिए सुनहरा मौका सामने आया है। यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (ESE) 2027 के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है।सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग सभी कैटेगरी के लिए रिक्तियां आई है। वहीं, 16 सितंबर से इसके लिए आवेदन शुरु हो चुके है। आइए आपको इस भर्ती से संबंधित सारी डिटेल्स बताते हैं।यूपीएससी ESE के लिए योग्यता- किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री (बी.ई/बीटेक) हासिल की हो।- सिविल, मैकनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स…
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बाद कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना…
माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने सिएटल के तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी समुदाय और भारत…
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शिशु पोषण के तीन उत्पादों में खाद्य सुरक्षा मानकों का कथित रूप…
वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि अर्जेंटीना ने अपने यहां भारतीय दवा क्षेत्र के प्रवेश को सुगम बनाने के…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों को भारत में विनिर्माण आधार तथा प्रौद्योगिकी तथा नवाचार केंद्र स्थापित करने के…
नई दिल्ली ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद जिस गति से पड़ोसी देशों के साथ उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाया है, उसने भारतीय विदेश नीति के अगले चरण की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के बाद भारत ने हिमालयी पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सक्रियता तेज कर दी है।भूटान में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा इसका सबसे ताजा उदाहरण है। 16 से 18 सितंबर तक की यात्रा में जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री के अलावा विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल के साथ विकास, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इसके साथ ही भारत ने तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाकर यह संदेश दिया कि भूटान के साथ संबंध केवल पारंपरिक मित्रता तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले विकास और रणनीतिक सहयोग पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विकास के पथ पर तेज़ी से अग्रसरित भारत, विकसित भारत बने के लिए सर्वांगीण विकास के कार्यों को धरातल पर मूर्त रूप देते हुए सफलता के नित-नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में तेज़ी से आर्थिक सुधार हो रहे हैं, मोदी ने देश में परिवर्तन लाने के लिए शहर, कस्बों से लेकर के गांव, दुर्गम दूरदराज के इलाकों तक में भी अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के अनवरत विकास का कार्य युद्ध स्तर पर चलवाने का कार्य कर रखा है। 21वीं सदी की आधुनिकता की दौड़ में एआई व डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत दुनिया भर में अपना लोहा मनवाने का कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विज़न के दम पर स्वदेशी को तेज़ी से बढ़ावा देकर के भारत तेज़ी से आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल कर रहा है। देश में विश्वस्तरीय आधुनिक सड़क, सागर…
दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर बैठक को अगर केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानकर देखा जाएगा तो उसकी असली राजनीतिक अहमियत समझ में नहीं आएगी। देखा जाये तो यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव, युद्ध, अविश्वास और बदलते शक्ति-संतुलन से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने जिस तरह अलग-अलग ध्रुवों के देशों को एक मंच पर बैठाया, संवाद के रास्ते खोले और मतभेदों के बावजूद सहयोग की जमीन तैयार की, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।ब्रिक्स की इस बैठक की सबसे बड़ी सफलता यही रही कि भारत ने उन देशों के बीच भी संवाद की संभावना पैदा की, जिनके बीच गहरे मतभेद हैं। ईरान और खाड़ी के देशों के बीच बातचीत इसका सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है। पश्चिम एशिया लंबे समय से टकराव, अविश्वास और संघर्ष का मैदान बना हुआ है।…
आजकल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का प्रचलन बढ़ा है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी जोखिम उठाने और सही रणनीति अपनाने से बैंक ब्याज या एफडी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त होता है। इसलिए वित्तीय सलाहकार बताते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे बड़ी गलती रिटर्न के पीछे भागना और अपने लक्ष्य, जोखिम तथा समय-अवधि को नजरअंदाज करना है। देखा जाए तो म्यूचुअल फंड के निवेशक 10 आम गलतियाँ कर ही बैठते हैं। प्रायः हर किसी से यह हो जाती हैं। इसलिए इन गलतियों से बचें और एक बेहतर आर्थिक भविष्य प्राप्त करें। म्यूचुअल फंड निवेश की कुछ महत्वपूर्ण गलतियाँ निम्नलिखित हैं:-पहला, सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर फंड चुनना: पिछले 1–3 साल का शानदार प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। इसलिए फंड की रणनीति, जोखिम और लंबी अवधि का प्रदर्शन भी देखें। अन्यथा भविष्य में आपको हानि उठानी पड़ सकती है।इसे भी पढ़ें: वाहन खरीदा, लेकिन छह महीने तक…
पश्चिम बंगाल में शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख शैक्षणिक प्रकल्प विद्या भारती के कम से कम एक हजार नए विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की घोषणा नहीं है, बल्कि इसे राज्य की शिक्षा-दृष्टि में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। 4 सितंबर 2026 को सामने आई इस घोषणा के अनुसार अगले एक वर्ष में राज्य के प्रत्येक जिले, नगरपालिका और पंचायत तक विद्या भारती के विद्यालयों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में विद्या भारती से जुड़े 313 विद्यालय संचालित होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती के नेतृत्व को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाने का भी निमंत्रण दिया है। यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि विद्या भारती आज देश…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव सिर्फ वोटों की गिनती से नहीं जीते जाते। यहां जाति, जज्बात, चेहरा और संदेश, इन चारों का सही तालमेल सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाता है। 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर जरूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपनी पुरानी साइकिल में नए राजनीतिक पुर्जे लगाने में जुटे हैं। मकसद सपा को उसकी पुरानी छवि से बाहर निकालना है, जिसे विरोधी लंबे समय से एक खास सामाजिक दायरे और सत्ता में कथित तौर पर आक्रामक राजनीति से जोड़ते रहे हैं। अखिलेश की नई रणनीति में जातीय समीकरण भी है, हिंदू प्रतीक भी हैं, पीडीए का विस्तार भी है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि डिंपल यादव के रूप में एक नया और अपेक्षाकृत शांत चेहरा भी है।डिंपल की बढ़ती भूमिका और ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’देखा जाये तो अब तक डिंपल यादव की राजनीति अपेक्षाकृत…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र का हृदयस्थल माना जाता है। दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ के गलियारों से होकर गुजरता है, यही कारण है कि देश के इस सबसे बड़े सूबे में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचल का असर राष्ट्रीय फलक पर साफ दिखाई देता है। वर्ष 2026 की समाप्ति के करीब आते ही और 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच शह-मात का खेल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने सूबे की राजनीतिक जमीन को जो नई शक्ल दी थी, उसके बाद हर दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटा है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचने की कवायद में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी अपने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे दस…
उत्तरप्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और निर्णायक अध्यायों में से एक रहा है। इस मंदिर आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा बदली, भाजपा को राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और अंततः 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ आंदोलन का सबसे बड़ा प्रतीकात्मक लक्ष्य पूरा हुआ।लेकिन इतिहास का दिलचस्प मोड़ यह है कि मंदिर बनने के बाद असली प्रशासनिक चुनौती शुरू हुई है, जिसके दृष्टिगत 2 सितंबर 2026 को “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र कुमार मिश्र को अपना पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया। इसलिए मिश्र की नियुक्ति के पीछे छिपे महत्वपूर्ण प्रशासनिक व सियासी संदेश को समझना होगा।इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor से अयोध्या तक: कौन है राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, क्या होगी जिम्मेदारीमसलन, लगभग 5,585 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16