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बदलते युद्धक्षेत्र, चालाक पड़ोसी और टेक्नोलॉजी से लैस दुश्मन, इन सबके बीच अब पुराने ढर्रे की सोच से काम नहीं चलने वाला। यही वजह है कि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए एयर-शिप बेस्ड…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान रक्षा खरीद परिषद ने कई बड़े फैसले लेकर यह संदेश दे दिया है कि देश अपनी वायु और समुद्री ताकत को तेज रफ्तार से बढ़ाने…
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन पर गलत सूचना फैलाने और देश में गृहयुद्ध भड़काने का आरोप लगाया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)…
संसद भवन, नई दिल्ली। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज संसद में प्रश्नों के उत्तर…
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी…
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मीडियाकर्मियों पर की गई…
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिये नोटिस का विषय सदन में उठाया…
रांची जिला कलेक्टर कार्यालय को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल के बाद प्रशासनिक…
भारत की कूटनीतिक सक्रियता एक बार फिर तेज गति से आगे बढ़ती दिख रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने घोषणा…
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर राज्य के किसानों को “गुमराह करने और भड़काने” का आरोप लगाया…
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बीच, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने गुरुवार को समझौते…
हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने सीआईटीयू और हिमाचल किसान सभा के साथ मिलकर गुरुवार को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी किसान-श्रमिक हड़ताल…
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को महाराष्ट्र के पुणे में काम कर रहे पुरुलिया के 24 वर्षीय…
जन उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने गुरुवार को विश्वास जताया कि मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में नई ‘बाबरी मस्जिद’…
मुर्शिदाबाद में नई ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव…
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ईरान पर युद्ध के मंडराते बादल अब और घने होते जा रहे हैं क्योंकि ओमान में बातचीत के लिए आये ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधियों ने सीधे…
लोकप्रिय अभिनेता और गायक सुधांशु पांडे ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर के करीब एक विशेष आध्यात्मिक प्रोजेक्ट के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। ‘अनुपमा’ फेम अभिनेता ने भगवान शिव को समर्पित एक भावपूर्ण भक्ति गीत को न केवल अपनी आवाज़ दी है, बल्कि एक व्यक्तिगत नोट साझा करते हुए अपनी गहरी आस्था का भी परिचय दिया है। इसे भी पढ़ें: No Bail For Rajpal Yadav | राजपाल यादव को राहत नहीं! कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा- वादा खिलाफी की सजा काट रहे हैं अभिनेताएक्टर और सिंगर सुधांशु पांडे ने हाल ही में भगवान शिव को समर्पित एक खास भक्ति गीत को अपनी आवाज़ दी। अपने दोस्त और कंपोज़र करण ओबेरॉय की मदद से, एक्टर ने गाना गाया और एक दिल को छू लेने वाले नोट में बताया कि यह उनके लिए क्यों ज़रूरी था।पांडे ने एक बहुत ही पर्सनल नोट शेयर किया जिसमें बताया कि सालों से…
वैलेंटाइन वीक की शुरूआत हो चुकी है। यह वीक सिर्फ प्रपोज करने, गुलाब, चॉकलेट या टेडी देने तक…
Hindi NewsCareerCurrent Affairs 12 February NASA Crew 12 Mission To Be Launched Today12 मिनट पहलेकॉपी लिंकजानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…नेशनल (NATIONAL)1. फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीद डील को मंजूरी12 फरवरी को भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी DAC ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीद डील को मंजूरी दी।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC में राफेल के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।डील के तहत, पहले 18 रेडी-टू-फ्लाई जेट्स भारत आएंगे, बाकी भारत में बनाए जाएंगे।राफेल…
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि भारत का लक्ष्य अगले पांच वर्ष…
अडानी पावर ने गुरुवार को न्यूक्लियर या एटॉमिक एनर्जी से मिलने वाली बिजली बनाने, भेजने और बांटने के लिए एक…
हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छूकर निवेशकों को हैरान कर दिया था।…
‘सीपी प्लस’ ब्रांड के तहत वीडियो सुरक्षा एवं निगरानी उत्पाद प्रदान करने वाली कंपनी आदित्य इन्फोटेक लिमिटेड का शेयर अपने…
ANIइलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि मस्क को पहले टेस्ला को सशर्त शेयर…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
Supporting Student Journalist.
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