राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में पिछले हफ्ते एक नाबालिग लड़की के साथ किये गए कथित दुष्कर्म और उसके बाद उसकी मौत हो जाने के मामले का मंगलवार को संज्ञान लिया तथा शीर्ष अधिकारियों से पांच दिन के भीतर जवाब मांगा है। ट्राइबल गुर्जर बक्करवाल वेलफेयर फाउंडेशन ने आयोग से संपर्क किया। उसने मांग की कि यौन उत्पीड़न के बाद गर्भपात के दौरान एक नाबालिग गुर्जर लड़की की मौत के मामले में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम लागू किया जाए, जांच की निगरानी की जाए और उसके परिवार को मुआवजा दिया जाए।
किश्तवाड़ जिले में 15 साल की एक लड़की के साथ उसके शिक्षक ने कथित तौर पर महीनों तक दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई और 20 अगस्त को गर्भपात की कोशिश के दौरान उसकी मौत हो गई। आयोग ने कहा है कि उसने इस मामले की जांच करने का फैसला किया है और जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है, जिसे इस मामले में उसके भाई के साथ गिरफ्तार किया गया था।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘‘बेहद भयावह और शर्मनाक’’ बताया।
