एशियाई खेलों की थकान और व्यस्त कार्यक्रम के बीच भारत के कई बड़े एथलीट इस बार राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप से दूर हैं। ऐसे में गुरुवार से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शुरू हो रही प्रतियोगिता युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका लेकर आई है। यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स में अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों की तलाश के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा नजरें ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे पर रहेंगी। उनका यह सत्र शानदार रहा है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में रजत पदक जीते हैं। 2.31 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले कुशारे सर्विसेज की ओर से मैदान में उतरेंगे।
महिलाओं की 4×400 मीटर दौड़ में भारत को एशियाई खेलों में स्वर्ण दिलाने वाली टीम की सदस्य एमआर पूवम्मा और किरण पहल भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। किरण ने कहा कि एशियाई खेलों का स्वर्ण उनके लिए बेहद खास पल था और उसका जश्न अब भी जारी है। वह रेलवे की ओर से प्रतिस्पर्धा करने आई हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हैं।
पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में टीएस मनु, धर्मवीर चौधरी और जय कुमार पर भी नजर रहेगी। इन तीनों ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक विशाल टीके के साथ मिलकर एशियाई खेलों में पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीता था। ऐसे में इस प्रतियोगिता में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन से भी आगे की तैयारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में कुल 24 पदक जीते थे। हालांकि यह प्रदर्शन 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों से कमजोर रहा, जहां भारत ने 29 पदक जीते थे। इनमें 6 स्वर्ण पदक शामिल थे। इस बार भारत को एथलेटिक्स में सिर्फ 1 स्वर्ण मिला। एशियाई खेलों से पहले कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटने के कारण बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं आए।
अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ध्यान रहेगा। पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मणिकांत होबलिधर वापसी कर रहे हैं। मार्च में मांसपेशियों की चोट के बाद उन्होंने पिछले महीने कर्नाटक राज्य प्रतियोगिता में 10.46 सेकंड का समय निकालकर इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया था। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 10.19 सेकंड है।
महिलाओं की लंबी कूद में शाइली सिंह प्रमुख दावेदार होंगी। उन्होंने एशियाई खेलों में 6.42 मीटर की छलांग के साथ चौथा स्थान हासिल किया था। हालांकि उस प्रतियोगिता में उनके एक प्रयास की दूरी सही तरीके से नहीं नापे जाने के दावे को लेकर विवाद हुआ था। एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता एंसी सोजन इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रही हैं।
भाला फेंक में एशियाई खेलों के 2 पदक विजेता यशवीर सिंह और रोहित यादव भी मैदान से बाहर हैं। वहीं हांगझोउ एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता किशोर जेना प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। ऐसे में बड़े नामों की गैरमौजूदगी के बीच यह चैंपियनशिप उन खिलाड़ियों के लिए खास मौका है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स टीम में अपनी जगह मजबूत करना चाहते हैं और देश के पदक अभियान को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
