दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री, रोनाल्ड लमोला, 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी नेताओं की इस दो-दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। लमोला का यह दौरा भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को यहां होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले हो रहा है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति रामफोसा पीएम मोदी के निमंत्रण पर शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता की थीम “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सुरक्षा के लिए निर्माण” के तहत आयोजित किया जाएगा। इसमें विकास, व्यापार, निवेश, वित्त और वैश्विक शासन सुधारों पर ब्रिक्स सदस्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
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दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि यह बैठक लोगों पर केंद्रित विकास एजेंडा, व्यापार और निवेश के विस्तार, वित्तीय और संस्थागत सहयोग को बढ़ाने तथा संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगी। राष्ट्रपति रामफोसा ब्रिक्स बिजनेस फोरम लीडर्स डायलॉग में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में ब्रिक्स नेता और व्यापार प्रतिनिधि व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला, कृषि, महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार पर चर्चा के लिए एक साथ आएंगे। ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल और ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन के दक्षिण अफ्रीकी चैप्टर इस फोरम में भाग लेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि उनकी भागीदारी से व्यापारिक संबंधों को गहरा करने और अधिक निवेश तथा आर्थिक सहयोग के अवसरों की पहचान करने के प्रयासों को समर्थन मिलेगा। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, रामफोसा के साथ लमोला, राष्ट्रपति कार्यालय की मंत्री खुम्बुद्ज़ो न्त्शावेनी और व्यापार, उद्योग और प्रतिस्पर्धा उप-मंत्री ज़ुको गोडलिम्पी भी होंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब भारत राष्ट्रीय राजधानी में विस्तारित ब्रिक्स समूह के नेताओं की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।
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2026 की बैठक इस समूह के गठन के दो दशक पूरे होने का भी प्रतीक होगी। नई दिल्ली की अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। दो दिन तक चलने वाले इस समिट में ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख, साथ ही आमंत्रित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भारत मंडपम में एक साथ जुटेंगे। उम्मीद है कि इस दौरान मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इंटीग्रेशन, राष्ट्रीय मुद्राओं के अधिक इस्तेमाल, MSME (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज) के विकास, डिजिटल व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
