राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दारुल उलूम सिराजुल उलूम समेत जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में दो स्थानों पर सोमवार को छापे मारे।
दारुल उलूम सिराजुल उलूम को पिछले महीने अवैध इकाई घोषित किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने शोपियां के इमाम साहिब इलाके में स्थित इस विद्यालय में तड़के छापा मारा। यह शिक्षण संस्थान सैकड़ों छात्रों को धार्मिक और औपचारिक, दोनों तरह की शिक्षा देता है।
अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की एक अन्य टीम ने प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के जिले के मोलू चित्रगाम में स्थित घर पर भी छापा मारा।
अवैध घोषित दारुल उलूम सिराजुल उलूम पर छापा
एनआईए के अधिकारियों की एक टीम ने तड़के शोपियां के इमाम साहिब इलाके में स्थित दारुल उलूम सिराजुल उलूम में दबिश दी। गौरतलब है कि इस शिक्षण संस्थान को पिछले ही महीने प्रशासन द्वारा एक ‘अवैध इकाई’ घोषित किया गया था। जांच एजेंसियों को इसके प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने के इनपुट मिले थे। यह दक्षिण कश्मीर के सबसे बड़े मदरसों/शिक्षण संस्थानों में से एक है, जहां सैकड़ों छात्र आधुनिक औपचारिक शिक्षा (Formal Education) के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा भी प्राप्त करते हैं।
पूर्व जमात प्रमुख के आवास की तलाशी
इसी कार्रवाई के तहत एनआईए की दूसरी टीम ने शोपियां जिले के ही मोलू चित्रगाम इलाके में छापेमारी की। यह छापा प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के आवास पर मारा गया। सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बीच एजेंसी के अधिकारियों ने घर के कोने-कोने की तलाशी ली और महत्वपूर्ण दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला।
क्यों हो रही है यह कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी टेरर फंडिंग (Aatankwadi Vittposhan) और घाटी में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के संदिग्ध नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है। प्रशासन का आरोप है कि कुछ संस्थान और व्यक्ति युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और प्रतिबंधित संगठनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जमीन तैयार कर रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी की इस प्रक्रिया के दौरान कुछ अहम दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर विस्तृत विवरण आना बाकी है।
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