देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो को वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों, रुपये की विनिमय दर में तेज गिरावट और अन्य कारणों से 2,536.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।
इंडिगो को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 3,067.5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
कंपनी के शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, 2025-26 की चौथी तिमाही में उसकी कुल आय तीन प्रतिशत से अधिक बढ़कर 23,830.7 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 23,097.5 करोड़ रुपये थी।
बयान में कहा गया कि रुपये में तेज गिरावट, श्रम कानूनों में बदलाव और चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल के कारण परिचालन लाभ पर असर पड़ा और कंपनी को घाटा हुआ।
इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा कि 2025-26 कंपनी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों वाला वर्ष रहा, जिससे उसकी लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा।
उन्होंने कहा, “इस वित्त वर्ष के दौरान हमारी क्षमता 9.5 प्रतिशत बढ़ी और कुल आय में छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव और असाधारण मदों के प्रभाव को छोड़ दें तो इंडिगो ने 75 अरब रुपये का लाभ कमाया।”
मार्च में एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 63.3 प्रतिशत रही।
