कुरकुरी जलेबी का नाम सुनते ही हम सभी के मुंह में पानी आ जाता है। चाशनी में डूबी गरम-गरम क्रिस्पी जलेबी दही के साथ खाने पर ज्यादा अच्छी लगती हैं। ऐसे में अगर सुबह के नाश्ते में जब कुछ मीठा खाने का दिल करता है, तो हम अक्सर बाजार से जलेबी मगंवा लेते हैं। हालांकि कुछ ज्यादा मैदे से बनी होने की वजह से जलेबी नहीं खाते हैं। वहीं अगर आप भी ज्यादा मैदे वाली जलेबी खाने से परहेज करती हैं, तो आप उबले हुए आलू से जलेबी बना सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको आलू से जलेबी बनाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
सामग्री
उबले हुए आलू – 2 मीडियम साइज के
मैदा – आधा कप
कॉर्नफ्लोर या चावल का आटा – 2 बड़े चम्मच
दही – 2 बड़े चम्मच
बेकिंग सोडा – 1 चुटकी
पानी – आवश्यकतानुसार (घोल बनाने के लिए)
चीनी – 1 कप (चाशनी के लिए)
केसर के धागे या फूड कलर – थोड़ा सा (वैकल्पिक)
घी या तेल – जलेबी तलने के लिए (जरूरत के अनुसार)
ऐसे बनाएं
सबसे पहले एक बर्तन में 1 कप पानी और 1 कप चीनी डालकर गैस पर रख दें। अब इसको तब तक उबालें, जब तक कि चीनी घुल न जाए और चाशनी हल्की सी चिपचिपी न हो जाए। इसमें आप थोड़ा सा इलायची पाउडर या केसर भी मिला सकती हैं।
फिर एक बाउल में अच्छे से मैश किए उबले आलू डालें। इसमें कॉर्नफ्लोर, मैदा और दही डालकर अच्छे से फेंटे, जिससे कि गुठली न रह जाए। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर इडली जैसा गाढ़ा घोल तैयार करें।
इसको तलने से ठीक पहले इस बैटर में 1 चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं। फिर बैटर को किसी खाली बोतल या किसी दूध की थैली में भर लें। अब नीचे से छोटा सा कोना काट लें और एक कड़ाही में तेल को मीडियम फ्लेम पर गर्म कर लें।
अब गोल-गोल घुमाते हुए जलेबियां बनाएं और मीडियम फ्लेम पर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक भूनें। फिर तली हुई जलेबियों को निकालकर फौरन हल्दी गर्म चाशनी में डालें।
इसके बाद 1-2 मिनट चाशनी में रखने के बाद जलेबियों को बाहर निकाल लें। फिर इसको गरमा-गरम सर्व करें। अगर आप कुरकुरी जलेबी के स्वाद को बढ़ाना चाहती हैं, तो इसको दही के साथ सर्व करें।
इन बातों का रखें ध्यान
आलू में गांठें नहीं होनी चाहिए, वरना जलेबी बनाने के दौरान थैली या पाइपिंग बैग में रुकावट आ सकती है।
जलेबी को तलने के दौरान तेल न तो ज्यादा गर्म न ज्यादा ठंडा होना चाहिए। मीडियम फ्लेम रखने पर जलेबी अंदर तक क्रिस्पी बनती है।
ध्यान रहे कि चाशनी बहुत ज्यादा उबलती हुई या फिर ज्यादा ठंडी नहीं होनी चाहिए। हल्की गर्म चाशनी में डलेबी डालने से रस अंदर तक भरता है।
