(विजय जोशी और टी जी बीजू)
तिरुवनंतपुरम, 11 अक्टूबर केरलम की यूडीएफ सरकार राज्य में बंदरगाह आधारित एक एकीकृत लॉजिस्टिक नेटवर्क विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि पूरा राज्य एक एकीकृत बंदरगाह शहर के रूप में तब्दील हो सके। राज्य के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने यह बात कही। सतीशन ने शुक्रवार को यहां पीटीआई वीडियो के साथ एक साक्षात्कार में विमानन, समुद्री बुनियादी ढांचे, पर्यटन, एमएसएमई, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में कई परियोजनाओं तथा निवेशों के जरिये राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने का एक विस्तृत खाका पेश किया।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में राज्य के विमानन और समुद्री क्षेत्रों का विस्तार करना शामिल है। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि विझिनजम बंदरगाह से जुड़े प्रस्तावित शेयर हस्तांतरण से केरल के हितों से कोई समझौता न हो और किसी का एकाधिकार न बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूडीएफ सरकार ने राज्य के सभी बंदरगाहों को आपस में जोड़ने और इसकी 600 किलोमीटर लंबी तटरेखा का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, हम इन सभी बंदरगाहों को जोड़ना चाहते हैं और समूचे केरलम को एक बंदरगाह शहर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि समुद्री और पोत परिवहन विशेषज्ञों की मदद से इस दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। विझिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का जिक्र करते हुए सतीशन ने कहा कि वहां आयात-निर्यात गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय पोत परिवहन मार्ग से बेहद करीब होने के कारण यह बंदरगाह व्यापक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा, विझिनजम एक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह है। हमने वहां आयात-निर्यात गतिविधियां शुरू कर दी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से महज 10 समुद्री मील दूर है।
ऐसे में इसे अन्य बंदरगाहों से जोड़ने की असीम संभावनाएं हैं। सड़क यातायात पर दबाव घटाने के लिए सरकार अन्य बंदरगाहों को विकसित करने और माल ढुलाई का एक बड़ा हिस्सा सड़कों से हटाकर जलमार्गों पर स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, लॉजिस्टिक के लिहाज से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए हमें 50 प्रतिशत माल ढुलाई समुद्र के जरिये करनी होगी।
योजना में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देना, राज्य की 44 नदियों को आपस में जोड़ना और कृषि उत्पादों तथा मसालों के निर्यात को गति देना शामिल है। सतीशन ने कहा कि लॉजिस्टिक्स, समुद्री अर्थव्यवस्था और खनिज क्षेत्र में मूल्यवर्धन और वृद्धि की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट में दक्षिणी आर्थिक गलियारे की घोषणा की है, जिसके तहत तिरुवनंतपुरम में बंदरगाह आधारित गतिविधियां, कोल्लम में खनिज गलियारा और अलाप्पुझा में नीली अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
सतीशन ने कहा कि केरल में वृद्धि के लिए कई अनुकूलताएं हैं, लेकिन उच्च जनसंख्या घनत्व और वन, धान के खेतों तथा तटीय क्षेत्र (सीआरजेड) विनियमों के तहत भूमि उपयोग पर पाबंदियों के कारण कई चुनौतियां भी हैं। नए उद्योग शुरू करने के लिहाज से घनी आबादी एक चुनौती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक-दूसरे के करीब स्थित चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का लाभ उठाते हुए केरल को एक विमानन केंद्र बनाने की भी योजना बना रही है।
प्रस्तावित परियोजनाओं में कोच्चि में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र, विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) की सुविधा, कन्नूर में पायलट प्रशिक्षण संस्थान, हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण सुविधाएं और कार्गो एवं लॉजिस्टिक सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। विझिनजम बंदरगाह सौदे के बारे में पूछने पर सतीशन ने कहा कि मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) को विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के शेयर बेचने के प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य के हितों की रक्षा हो और किसी का एकाधिकार न बने।
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक अधिकार प्राप्त समिति इस प्रस्ताव की जांच कर रही है। केंद्र सरकार से रणनीतिक मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार समिति की रिपोर्ट पर विचार करेगी। सतीशन ने स्पष्ट किया कि रियायत समझौते के तहत प्रस्तावित शेयर हस्तांतरण के लिए बंदरगाह के मालिक यानी राज्य सरकार की मंजूरी और केंद्रीय गृह मंत्रालय से रणनीतिक मंजूरी लेना अनिवार्य है।
सतीशन ने कहा, हमारी पहली चिंता राज्य के हितों की रक्षा करना है। दूसरा, किसी भी तरह का एकाधिकार नहीं होना चाहिए और साझा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।
