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3 मिनट पहले
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अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर सहमत हुए
- 15 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध अमेरिका- ईरान युद्ध खत्म करने और शांति समझौता करने का ऐलान किया।
- इस समझौते के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी (पिछले 107 दिनों) से चल रहा युद्ध खत्म हो जाएगा।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की भी घोषणा की है।
- इस समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को भी फिर से खोला जाएगा।
- रिपोर्ट के मुताबिक इस शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड (जेनेवा) में आधिकारिक तौर पर साइन किए जाएंगे।
- इस शांति समझौते के फाइनल ड्राफ्ट पर अगले 60 दिनों तक बातचीत का दौर भी चलेगा।
- 28 फरवरी 2026 में ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से ये संघर्ष जारी है।

2. दुनिया की पहली कमर्शियल ब्रेन चिप NEO को मंजूरी मिली
- 15 जून को चीन ने दुनिया की ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी दी। ये पहली चिप है, जिसे कॉमर्शियल यूज के लिए उपयोग किया जा सकता है।
- NEO दुनिया की पहली व्यावसायिक (commercially approved) ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) चिप है।
- NEO को बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी और शंघाई स्थित न्यूराकल टेक्नोलॉजी ने मिलकर डेवलप किया है।
- NEO चिप का पहला वर्जन मुख्य रूप से उन मरीजों की मदद के लिए तैयार किया गया है, जो रीढ़ की हड्डी की चोट (स्पाइनल कॉर्ड इंजरी) और पैरालिसिस (लकवा) से जूझ रहे हैं।
- NEO डिवाइस ऐसे मरीजों को उनके नर्वस सिस्टम के कुछ हिस्सों पर फिर से कंट्रोल हासिल करने में मदद करेगा।
- ये चिप लोगों के मस्तिष्क संकेतों को पढ़कर उन्हें डिजिटल कमांड में बदल देगी।
- NEO एक सिक्के के आकार का इम्प्लांट है। इसमें 8 इलेक्ट्रोड होते हैं, जो मस्तिष्क के ऊपर स्थित सुरक्षात्मक झिल्ली (dura mater) पर लगाए जाते हैं।
- इन कमांड्स की मदद से मरीज रोबोटिक ग्लव या अन्य सहायक उपकरण नियंत्रित कर सकते हैं।
- विशेषज्ञों के मुताबिक, NEO को इम्प्लांट करने में ब्लीडिंग और सेल्स डेमेज होने का जोखिम कम है, इसलिए इसको मंजूरी मिल पाई है।
- यह टेक्नोलॉजी पैरालिसिस के अलावा पार्किंसंस, मिर्गी (एपिलेप्सी), स्ट्रोक और डिप्रेशन जैसी दिमागी और नर्व यानी तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पीड़ित लाखों लोगों के जीवन में सुधार कर सकती है।
- अक्टूबर 2023 से अब तक NEO चिप की 36 से ज्यादा टेस्टिंग की जा चुकी हैं।
- इलॉन मस्क की कंपनी ने भी ‘न्यूरालिंक’ ब्रेन चिप बनाई है, लेकिन इसे अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस
- ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो इंसान के दिमाग और बाहरी डिवाइसेज (जैसे कंप्यूटर, रोबोटिक आर्म या व्हीलचेयर) के बीच एक सीधा कम्युनिकेशन करती है।
- आसान भाषा में कहें तो जब हम कुछ सोचते हैं, तो दिमाग में इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स पैदा होते हैं।
- BCI डिवाइस इन सिग्नल्स को पढ़कर डिजिटल कमांड में बदल देता है।
- सिग्नल्स की मदद से मरीज बिना हाथ-पैर हिलाए केवल सोचकर कंप्यूटर या मशीन को ऑपरेट कर सकता है।
3. भारत और स्लोवाकिया के बीच MoU हुए
- 15 जून को पीएम नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के प्रेसिडेंट पीटर पेलेग्रिनी और पीएम रॉबर्ट फीको के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
- दोनों देशों ने ट्रेड , इंवेस्टमेंट, डिफेंस, इनोवेशन, रेलवे, जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
- दोनों देशों ने डिफेंस पार्टनरशिप के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन किए।
- दोनों देशों ने लेबर माइग्रेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी के लिए भी समझौता किया।
- इस MoU के तहत पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में इंडिया चेयर ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्थापित करने के ऐलान किया।
- इंडिया चेयर ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में दोनों देश मिलकर सहयोग बढ़ाएंगे।
- स्लोवाकिया ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) पर भी मंजूरी दी।
- पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया है।
- 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद पीएम मोदी स्लोवाकिया पहुंचने वाले पहले हैं।

ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा थी।
स्पोर्ट्स (SPORTS)
4. आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में भारत ने 2 गोल्ड जीते
- 14 जून को तुर्की में भारत के तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।
- तुर्किये के अंताल्या में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 की रिकर्व मिक्स्ड टीम चैंपियनशिप में धीरज और कुमकुम ने ये मेडल जीते हैं।
- भारतीय जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में साउथ कोरिया के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन ओह ये-जिन और किम जे-देओक को 5-1 से हराया।
- धीरज और कुमकुम दोनों का ही ये पहला इंटरनेशनल गोल्ड मेडल है।
- पुरुषों के इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में धीरज ने साउथ कोरिया के ली वू सियोक को 6-4 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
- इसके साथ ही धीरज रिकर्व इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में टाइटल जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं।
- ये पहला बार है जब भारत ने एक ही वर्ल्ड कप स्टेज में दो गोल्ड मेडल जीते हैं।
- 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड के लिए यह पहला वर्ल्ड कप मिक्स्ड टीम स्वर्ण पदक है।
- इस तरह धीरज ने अंताल्या में दो स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।
- भारत मेडल टैली में चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहा, जबकि आर्चरी में टॉपर साउथ कोरिया चौथे नंबर पर आया।
- ये चैंपियनशिप 9 से 14 जून तक तुर्की के अंताल्या में हुई।
धीरज बोम्मादेवरा
- धीरज ने 2006 में मात्र 5 वर्ष की उम्र में विजयवाड़ा की वोल्गा आर्चरी अकादमी में तीरंदाजी शुरू की।
- 2021 में भारत की जूनियर पुरुष रिकर्व टीम के साथ विश्व युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।
- 2023 में आर्चरी वर्ल्ड कप अंताल्या में इंडिविजुअल ब्रॉन्ज और टीम को सिल्वर मेडल दिलाया।
- 2025 में एशियाई आर्चरी चैंपियनशिप में मेंस रिकर्व में इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीता।
कुमकुम मोहोद
- मई 2026 में आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-2 में भारत की महिला रिकर्व टीम में दीपिका कुमारी, अंकिता भकत के साथ मिलकर कुमकुम मोहोद ने चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता था।
- 2026 में शंघाई वर्ल्ड कप में महिला रिकर्व टीम में गोल्ड मेडल जीता।
- कुमकुम ने 10 साल की उम्र से तीरंदाजी शुरू की थी।

ये भारत का 2022 के बाद पहला रिकर्व मिक्स्ड टीम वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल है।
मिसलीनियस (MISCELLENEOUS)
5. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हुआ
- 15 जून को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट शुरू हुई।
- पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो की थी, जो लखनऊ पहुंची।
- इस मौके पर एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे।
- पहली फ्लाइट में एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों को पहली उड़ान में सफर करने का सम्मान दिया गया।
- 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था। अभी इसके पहले फेज का काम पूरा हुआ है।
- इसमें करीब 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाए हैं। इस प्रोजेक्ट की लागत 11 हजार करोड़ रुपए है।
- नोएडा एयरपोर्ट को 4 फेज में बनाया जाएगा। पूरा होने पर ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा।
- एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। यहां से हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे।
- ये एयरपोर्ट आने वाले समय में एक बड़ा कार्गो हब बनाया जाएगा।
आज का इतिहास (16 JUNE)
- 1858 में प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ग्वालियर के पास स्थित मोरार छावनी में लड़ाई लड़ी गई थी।
- 2007 में सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में लगातार सबसे लम्बे समय तक रहने वाली महिला अंतरिक्ष यात्री बनीं।
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