हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में अपनी रणनीतिक पकड़ और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय नौसेना का आधुनिक पी-8आई (P-8I) समुद्री गश्ती विमान अमेरिका के हवाई (Hawaii) पहुंच चुका है। भारतीय विमान यहाँ अमेरिकी प्रशांत बेड़े द्वारा आयोजित दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास ‘रिम ऑफ द पैसिफिक’ (RIMPAC 2026) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 4 July 2026 | आज का प्रेम राशिफल 4 जुलाई 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ भारतीय नौसेना की भागीदारी एक स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराती है। साथ ही यह साझेदार नौसेनाओं के साथ अंतर-संचालन क्षमता, समुद्री क्षेत्र जागरुकता और सहयोग को मजबूत करती है।’’
रिमपैक 2026 के 30वें संस्करण की थीम ‘साझेदार: एकीकृत और तैयार’ है। इस अभ्यास की शुरुआत 1971 में हुई थी।
इस वर्ष 24 जून से 31 जुलाई तक हवाई द्वीपों और उसके आसपास आयोजित हो रहे इस अभ्यास में 30 देश, 30 से अधिक सतही युद्धपोत, पांच पनडुब्बियां, 15 देशों की थल सेनाएं, 206 से अधिक विमान और 30,000 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं।
रिमपैक प्रतिभागी देशों को संयुक्त प्रशिक्षण का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से आपसी सहयोग और संबंधों को मजबूत किया जाता है, जो समुद्री मार्गों की सुरक्षा और विश्व के महासागरों में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
रिमपैक 2026 के कमांडर, कंबाइंड टास्क फोर्सेज (सीसीटीएफ) के वाइस एडमिरल जेफ जैब्लॉन ने एक बयान में कहा,‘‘जटिल और वास्तविक परिस्थितियों में संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से सहभागी देश अपनी युद्धक तैयारियों को बेहतर बनाते हैं, युद्ध कौशल को और निखारते हैं तथा एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से संचालन करने के लिए आवश्यक अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करते हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे कहीं भी और कभी भी मिलकर काम कर सकें।’’
इसे भी पढ़ें: Team India के श्रीलंका दौरे का Schedule जारी, Galle और Colombo में होगी स्पिन की कड़ी परीक्षा
अमेरिकी नौसेना के एक बयान के अनुसार इस अभ्यास में जमीन और पानी दोनों जगहों पर होने वाले अभियान, तोप और मिसाइल अभ्यास, पनडुब्बी रोधी युद्ध , हवाई रक्षा अभियान, सैन्य चिकित्सा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत, समुद्री डकैती विरोधी अभियान, बारूदी सुरंग निष्क्रियकरण, विस्फोटक आयुध निष्क्रियकरण तथा गोताखोरी और बचाव अभियान सहित अनेक प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
समुद्र से आसमान तक महा-ट्रेनिंग
अमेरिकी नौसेना के बयान के मुताबिक, इस एक महीने से अधिक चलने वाले अभ्यास में सेनाएं बहुआयामी चुनौतियों से निपटने की तैयारी करेंगी। इसमें शामिल प्रमुख सैन्य ऑपरेशन इस प्रकार हैं:
जमीन और पानी दोनों पर होने वाले उभयचर (Amphibious) अभियान।
पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-submarine warfare) और हवाई रक्षा अभियान।
मिसाइल और तोप दागने का लाइव अभ्यास।
समुद्री डकैती विरोधी अभियान और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करना।
आपदा राहत (HADR), सैन्य चिकित्सा, गोताखोरी और बचाव कार्य।
यह युद्धाभ्यास वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय महासागरों में सुरक्षित नौवहन (Safe Navigation) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने वाला है।
News Source- Press Trust OF India (यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है लेखक ने बस मामूली शाब्दिक और व्याकरण से संबंधित बदलाव किए हैं)
Indian Navy’s Maritime Patrol Aircraft P-8I arrived in Hawaii to participate in #RIMPAC2026, the world’s largest international maritime exercise, themed ‘Partners: Integrated and Prepared’.
Indian Navy’s participation reaffirms its commitment to a free, open and inclusive… pic.twitter.com/8SdtL1yVwk
— India in USA (@IndianEmbassyUS) July 3, 2026
🇮🇳🤝🇺🇸 #BridgesofFriendship#IndianNavy‘s P-8I Long Range Maritime Reconnaissance and Anti-Submarine Warfare aircraft has arrived in Honolulu, Hawaii, to participate in the Rim of the Pacific Exercise – #RIMPAC2026.
This is one of the world’s largest multinational maritime… pic.twitter.com/EzOm0NYwWY
— SpokespersonNavy (@indiannavy) July 3, 2026
