एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पद के संभावित उत्तराधिकारियों के रूप में दो उम्मीदवारों के नाम भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेजे। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि आरबीआई को दोनों नाम वरीयता के क्रम में भेजे गए हैं और उनके प्रस्तावित पारिश्रमिक का भी उल्लेख किया गया है। एमडी और सीईओ का कार्यकाल तीन साल का होगा।
इसके साथ ही, बैंक ने निदेशक मंडल में भी बदलाव करते हुए पूर्णकालिक निदेशकों की संख्या तीन से बढ़ाकर चार कर दी और मुख्य ऋण अधिकारी जिमी टाटा को पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया। एचडीएफसी बैंक के मौजूदा एमडी एवं सीईओ शशिधर जगदीशन ने 29 अगस्त को पद पर दोबारा नियुक्ति की दौड़ से अलग रहने का फैसला किया था। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है।
बैंक के निदेशक मंडल ने शनिवार को अपनी शासन, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिशों के आधार पर दोनों नामों को मंजूरी दी। आरबीआई आम तौर पर किसी बैंक के एमडी और सीईओ की नियुक्ति के लिए भेजे गए नामों का मूल्यांकन ‘उपयुक्त एवं उचित’ मानदंडों के आधार पर करने के बाद मंजूरी देता है। एचडीएफसी बैंक को प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
एचडीएफसी बैंक ने अपने निदेशक मंडल में पूर्णकालिक निदेशकों की संख्या तीन से बढ़ाकर चार करने का भी फैसला किया है। बैंक के मुख्य ऋण अधिकारी जिमी टाटा को तीन साल के लिए पूर्णकालिक निदेशक और कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। टाटा वर्ष 1994 में बैंक से जुड़े थे।
पूर्णकालिक निदेशकों में फिलहाल उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा, वी. श्रीनिवास रंगन और टाटा शामिल हैं। इसके साथ ही, बैंक ने रंगन को मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद 23 नवंबर से एक साल के लिए फिर से नियुक्त करने का भी फैसला किया है। एचडीएफसी बैंक ने कहा कि चौथे पूर्णकालिक निदेशक के पद को नए एमडी और सीईओ के कार्यभार संभालने के बाद उनके साथ विचार-विमर्श कर भरा जाएगा।
बैंक ने कहा कि इसका उद्देश्य उत्तराधिकार योजना के लिए नेतृत्व की व्यापक श्रृंखला तैयार करना है।
