ईद- उल-अजहा जिसे बलिदान के पर्व या बकरीद के रूप में भी जाना जाता है, ईद उल-फितर के साथ दो मुख्य इस्लामी छुट्टियों में से एक है। यह इस्लामिक कैलेंडर में जिलहिज्जा के बारहवें महीने के 10वें दिन पड़ता है। भारत में ईद उल अजहा 28 मई, 2026 को मनाई जाएगी, जबकि यूएई और अन्य अरब देशों में इस साल बकरीद 27 मई 2026 को मनाई गई है।
ईद-उल-अजहा का यह पर्व हजरत इब्राहिम की उस अटूट आस्था और समर्पण की याद दिलाता है, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म का पालन करने के लिए अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने का निश्चय किया था। यह त्योहार हर साल हज यात्रा पूरी होने के बाद मनाया जाता है। इस मौके पर बकरा, भेड़ या ऊंट जैसे जानवरों की कुर्बानी दी जाती है, जिसे त्याग और इंसानियत का प्रतीक माना जाता है। त्योहार की रौनक पारंपरिक पकवानों से और बढ़ जाती है, जिनमें मटन बिरयानी, कबाब, चिकन टिक्का, शीर खुरमा, क़ुरमा, सेवइयां और कलेजी जैसी स्वादिष्ट डिशेज खास तौर पर शामिल रहती हैं। इस लेख में हम आपको शीर खुरमा और शमी कबाब की रेसिपी बताने जा रहे हैं।
शीर खुरमा बनाने के लिए साम्रगी
-500 ml कम दूध
-100 ग्राम साबुत गेहूं सेंवई
-¼ कप चीनी
-1 चम्मच दालचीनी पाउडर
-1 बड़ा चम्मच चारोली
-कुछ केसर के धागे + सजावट के लिए
-¼ चम्मच जायफल पाउडर
-2 बड़े चम्मच कटे हुए मिश्रित मेवे (बादाम और पिस्ता) + सजावट के लिए
शीर खुरमा
– सबसे पहले एक नॉन स्टिर पैन में घी को गर्म कर लें।
– अब इसमें सेवइयां डाले और इसे तब तक भूनें, जब तक घी की खुशबू आने लगे।
– इसके बाद इसमें दूध, चीनी डालें और इसे 2 से 3 मिनट तक पकाएं।
– अब इसमें 1 चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और इसको अच्छे से मिला लें।
– इसके बाद इसमें जायफल पाइडर, चारोली डाल दें और इसे अच्छे से मिलाएं। इसे गाढ़ा होने तक पकाएं और ऊपर से इसमें मेवे और केसर डालें और अच्छे से चला लें।
– आखिर में ऊपरे केसर और मेवे डालकर इसे सर्व करें।
शमी कबाब
शमी कबाब बनाने के लिए सामग्री
3 तेज पत्ते
-3 काली इलायची
-2 चम्मच काली मिर्च
-गदा के 2 ब्लेड
-2 दालचीनी की छड़ें (1 इंच लंबी)
-2 बड़े चम्मच धनिये के बीज
-1 चम्मच अजवायन के बीज
-2 चम्मच जीरा
-5-6 सूखी लाल मिर्च
-10 हरी इलायची
-6-7 लौंग
-2 बड़े चम्मच धनिये के बीज
1 चम्मच अजवायन के बीज
-2 चम्मच जीरा
-5-6 सूखी लाल मिर्च
खाना पकाने के लिए
2 बड़े चम्मच घी
-500 ग्राम बोनलेस मटन
-मटन नल्ली (मज्जा की हड्डियां) के 2 टुकड़े, प्रत्येक 100 ग्राम
-1 बड़ा चम्मच कटा हुआ अदरक
-1½ बड़े चम्मच कटा हुआ लहसुन
-3 हरी मिर्च, चीरा हुआ
-½ चम्मच हल्दी पाउडर
-नमक स्वाद अनुसार
-2 मध्यम प्याज
-½ कप चना दाल (चना दाल)
-2 कप पानी
मिश्रण करते समय
-मुट्ठी भर पुदीने की पत्तियां
-मुट्ठी भर धनिया पत्ती
-1 कटी हुई हरी मिर्च
-1 अंडा
-तलने के लिए घी
शमी कबाब बनाने की विधि
– शमी मसाला का तैयार करने के लिए एक गर्म पैन में तेज पत्ता, बड़ी इलायची, काली मिर्च, जावित्री, दालचीनी, इलायची, लौंग, साबुत धनिया के बीज, शाही जीरा, जीरा और सूखी लाल मिर्च डालें। फिर इसे कुछ समय तक भूनें।
– इसके बाद ओखली और मूसल की सहायता से कूटकर दरदरा पाउडर बना लें। इन मसालों को पाउडर बनाने के लिए आप मिक्सर ग्राइंडर का यूज कर सकते हैं।
– अब पकाने के लिए , आप प्रेशर कुकर में घी, बोनलेस मटन, मटन नसल्ली, कटा हुआ अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, हल्दी, नमक, मोटे कटे प्याज, भीगी हुई चना दाल और शमी मसाला डालें।
– अब इसे 3 से 4 मिनट के लिए तेज आंच पर अच्छे से भून लें।
– इसके बाद पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद कर दें। इसको 7 से 8 सीटी आने तक मटन को अच्छे से पका लें।
– इस बात का ध्यान रखें कि मटन को इतना पका लें कि कुकर में ये एकदम से पिघल जाएं, इसका अतिरिक्त पानी निकालने के लिए आप कुकर में फिर तेज आंच में 2 से 5 मिनट तक इसका अतिरिक्त पानी को निकाल लें।
– अब आपको मटन की मथनी या सब्जी मैशर के मदद से इसकी महीन पीसना है। आप चाहे तो इसको मिक्सर में भी बरीक पीस सकते हैं। फिर इस मिश्रण को अलग से फ्लैट कटोरी में निकाल लें।
– मटन ठंडा होने के बाद इसमें कुछ कटी हुई पुदीने की पत्तियां और हरा धनिया डाल दें। अब कटी हुई हरी मिर्च और एक अंडा डालें।
– बता दें कि, अंडा वैकल्पिक है, यह शमी को कबाब को नरम बनाता है और इसमें बाइंडिंग देगा। इसे हाथों से अच्छी तरह मिला लें।
– इसके बाद मटन को पैटी जैसा आकार देना है, एक गेंद लें और इसे धीरे से दबाएं। फिर पैटी को पहिए की तरह घुमाएं जिससे किनारे सामान हो जाए। शमी कबाब तैयार है, बस अब इनको तलना है।
– गर्म तवे पर थोड़ा-सा घी डालें, फिर उस पर शमी कबाब रखें। दोनों तरफ से हल्का ब्राउन हो जाए तब तलें।
– तैयार शमी कबाब को परोसने के लिए पुदीने की चटनी के साथ खाएं।
