डीएमके ने बुधवार को फिर से मांग की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए जाने के आरोपों पर अपनी “चुप्पी” तोड़ें। पार्टी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया ने 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर काफी असर डाला है। एक्स पर एक पोस्ट में डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने बिहार के बारे में गांधी की टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए तुलना की, जहाँ उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव “चुरा लिए गए” थे। अन्नादुरई की ये टिप्पणियां INDIA गठबंधन के नेताओं – जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे। उनके दिल्ली में संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करने और SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के एक दिन बाद आईं। डरो मत! कहकर गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस नेता ने बिहार के बारे में तो ज़ोरदार बातें कहीं, लेकिन तमिलनाडु में हुई घटनाओं पर चुप रहे। मीडिया रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया ने राज्य में चुनाव नतीजों को बदल दिया।
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अन्नादुरई ने दावा किया खास बात यह है कि जिन 135 निर्वाचन क्षेत्रों में 20,000 से ज़्यादा वोटरों के नाम हटाए गए थे, उनमें से 84 पर TVK जीती। जिन 10 निर्वाचन क्षेत्रों में 80,000 से ज़्यादा नाम हटाए गए थे, उनमें TVK सभी 10 सीटों पर जीती।” उन्होंने गांधी को चुनौती दी कि वे साफ़ करें कि क्या उन्हें लगता है कि SIR प्रक्रिया से तमिलनाडु और DMK पर असर पड़ा है और क्या चुनाव आयोग ने निष्पक्ष रूप से काम किया है। 6 अक्टूबर को एक्स पर किए गए एक पुराने पोस्ट में अन्नादुरई ने गांधी को “दोमुंहा” कहा था और उन पर अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग बातें कहने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या गांधी तमिलनाडु में वोटर लिस्ट में बदलाव के खिलाफ बोलने से इसलिए डर रहे हैं क्योंकि उन्हें “@actorvijay” से डर लगता है। अन्नादुरई ने यह भी जानना चाहा था कि गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस कथित बयान का सार्वजनिक रूप से समर्थन क्यों नहीं किया, जिसमें SIR प्रक्रिया के बाद चुनी गई सभी राज्य सरकारों को भंग करने की मांग की गई थी।
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यह ताज़ा हमला 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद DMK और कांग्रेस के बीच आई कड़वाहट और अलगाव के माहौल में हुआ है। दशकों पुराना गठबंधन तब टूट गया जब कांग्रेस ने DMK से रिश्ते खत्म कर लिए और सरकार बनाने के लिए एक्टर विजय की पार्टी TVK का समर्थन किया, जिससे SIR मुद्दे पर दोनों पार्टियों के बीच तनातनी और बढ़ गई।
