समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बुधवार को सरकार की आलोचना की और अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाया। डिंपल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पूरा देश वर्षों से अंकिता भंडारी के लिए न्याय का इंतजार कर रहा है और सरकार को इस मामले में गौतम की कथित भूमिका की जांच करानी चाहिए थी, न कि उन्हें संवैधानिक पद पर नियुक्त करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से अंकिता का परिवार, महिलाएं, अभिभावक और देश के लोग दुखी एवं आहत हैं।
सपा सांसद ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। नवरात्र के अवसर का उल्लेख करते हुए सपा सांसद ने कहा कि यह दुखद है कि देवी की पूजा करने वाले देश में एक बेटी को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता विनोद आर्य के बेटे, और उसके दो साथियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस हत्याकांड में एक कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर भी विवाद हुआ था। अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहलू की जांच की मांग की है।
अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर मांग की थी कि उनकी बेटी की हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच पूरी होने तक गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोक दी जाए। परिवार ने भाजपा नेता गौतम पर मामले में कथित संलिप्तता के आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये आरोप हैं और उनकी पुष्टि न्यायिक रूप से होना बाकी है।
गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
