झारखंड में नौकरी की तलाश कर रहे हजारों उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। शुक्रवार को हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले को पलट दिया, जिसके तहत 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। कोर्ट ने अगस्त 2024 में जारी किए गए परीक्षा रद्द करने के नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया और सरकार के इस फैसले को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” करार दिया। जस्टिस दीपक रोशन ने परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि भर्ती परीक्षा रद्द करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई मौका नहीं दिया गया था। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों का हवाला देते हुए 18 अगस्त को JSSC-CGL 2024 परीक्षा रद्द कर दी थी। इस फैसले के कारण, परीक्षा पास करने वाले हजारों उम्मीदवार अपनी भर्ती और सरकारी नौकरी की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में आ गए थे।
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झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा क्यों रद्द की?
यह रद्दीकरण राज्य में आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर नौकरी के उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच हुआ। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का कहना था कि बड़े पैमाने पर धांधली और प्रश्न पत्र लीक होने के सबूत मिले हैं, जिसके चलते JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना जरूरी हो गया था। हालांकि, परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार हाई कोर्ट पहुंच गए और सरकार के इस फैसले की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि परीक्षा पास करने के बावजूद, भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला लेने से पहले उन्हें अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। याचिकाओं पर सुनवाई के बाद, जस्टिस दीपक रोशन ने रद्दीकरण के नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया और सरकार के फैसले को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” करार दिया।
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झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का आदेश दिया था
JSSC-CGL विवाद, झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़े एक बड़े विवाद का हिस्सा था। नौकरी के उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था। सरकार ने गड़बड़ियों के आरोपों के चलते 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश भी दिए थे।
