नयी दिल्ली, तीन नवंबर दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को कहा कि सरकार अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के नियमों में बदलाव करेगी जिसके तहत योग्य निजी ऑडिटरों को आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच के लिए लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि साथ ही, एमसीडी के पैनल में शामिल ऑडिटरों और वास्तुकारों को भी सूचीबद्ध कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आग से सुरक्षा के उपायों को बेहतर बनाया जा सके। सूद ने दिल्ली में आधुनिक सुविधाओं से लैस और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने वाली अग्निशमन व्यवस्था तैयार करने के लिए दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) में व्यापक बदलाव करने की घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि हाल में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इन समस्याओं से निपटने के लिए कार्ययोजना पर सहमति बनी जिनमें संकरी गलियां, आबादी का घनत्व, यातायात जाम, बिजली के तारों पर जरूरत से ज्यादा भार और आधुनिक घरों में सिंथेटिक फर्नीचर व प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल से आग लगने का खतरा शामिल है। उन्होंने कहा, घरों में आग तेजी से फैलने के खतरे से निपटने से लेकर मौजूदा व्यावसायिक इमारतों में स्वचालित स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य करने, बिजली के नेटवर्क को बेहतर बनाने और घर-घर जाकर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने तक, हम सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्क रहने की संस्कृति विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएफएस, नागरिक निकायों, बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के समन्वय में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शहर आग से जुड़ी आपात स्थितियों को रोकने और उनसे निपटने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हो।
