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नई दिल्ली39 मिनट पहलेलेखक: उन्नति झाबक
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CBSE की वेबसाइट खोलने पर साइट अंडर मेंटेनेंस लिखा आ रहा है।
सीबीएसई ने 19 मई से आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन तकनीकी खामियों से वेबसाइट पिछले 5 दिनों से लगातार क्रैश हो रही है। आज आवेदन की लास्ट डेट है, लेकिन किसी भी वक्त वेबसाइट लोड ही नहीं हो पा रही।
अगर साइट खुल भी जाए, तो एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज को कम से कम 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा है। जिन छात्रों ने 3-4 दिन पहले आवेदन किया था, उन्हें न तो अभी तक कॉपी मिली है और न ही मेल या टेक्स्ट के जरिए कोई जानकारी दी गई है।
सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और धुंधले पन्नों जैसी तकनीकी दिक्कतों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बोर्ड से जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एक सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी।

एक स्टूडेंट ने शिकायत सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि 4 बार 300 रुपए का पेमेंट रिजेक्ट हो गया और 3 रुपए का पेमेंट एक्सेप्ट हो गया।
पेमेंट के बाद लौट रहे हैं पैसे
कुछ छात्रों को सुबह 11:30 बजे पेमेंट सफल होने और एप्लीकेशन सबमिट होने का मैसेज मिला, शाम 6:45 बजे अचानक मैसेज आया कि उनके पैसे रिफंड कर दिए गए हैं और आवेदन सबमिट ही नहीं हुआ। स्टूडेंट इस बात से परेशान हैं कि अगर समय पर कॉपी नहीं मिली, तो वे अपनी कॉपियों के री-इवैल्युएशन के लिए समय पर आवेदन कैसे कर पाएंगे।
री-इवैल्युएशन रद्द होने की अफवाह
सर्वर ठप होने और छात्रों की इस परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सर्कुलर भी तेजी से वायरल हो रहा है। 23 मई की तारीख वाले इस सर्कुलर में दावा किया गया है कि तकनीकी दिक्कतों से 2026 की री-इवैल्युएशन और स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।
इसमें यह भी अफवाह फैलाई गई है कि छात्रों द्वारा जमा फीस 15 कार्य दिवसों के भीतर रिफंड कर दी जाएगी और उनके पुराने नंबर ही अंतिम (फाइनल) माने जाएंगे। सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया है कि यह सर्कुलर पूरी तरह फर्जी है।

कई स्टूडेंट ने लिखा कि वेबसाइट पर पेमेंट 100 रुपए की बजाय 8000 दिख रहा है।
कहीं 2-2 पेज गायब तो कहीं 2-2 पेज रिपीट हैं
मध्य प्रदेश की एक छात्रा की बिजनेस स्टडीज की आंसर-शीट में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। कॉपी के पेज नंबर 12-13 व 20-21 स्कैन ही नहीं किए गए। ऐसे में इन पेजों पर लिखे जवाबों के अंक छात्रा को नहीं मिले।
पेज संख्या पूरी दिखाने के लिए पेज 14-15 और 18-19 को दो बार स्कैन कर अपलोड कर दिया है। पीडीएफ में इन्हें ‘रिपीट आंसर’ के रूप में दिखाया गया है। कई जवाबों में सही तरीके से अंक भी नहीं दिए गए हैं।
कहां से लें मदद? हेल्पलाइन भी शोपीस बनीं
सीबीएसई के हेल्पलाइन नंबर भी किसी काम नहीं आ रहे हैं। छात्र जब भी इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो बस सिंगल बीप बजती रहती है और कोई फोन रिसीव नहीं करता। CBSE हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-8002, अन्य हेल्पलाइन नंबर: 011-22509256, 22509257, 22509258, 22509259, ईमेल: info@cbse.gov.in
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