नयी दिल्ली, चार नवंबर घरेलू दवा कंपनी ल्यूपिन का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में असाधारण मद के कारण एकीकृत शुद्ध लाभ 22.19 प्रतिशत घटकर 1,155.30 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में कंपनी ने 1,484.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसका परिचालन राजस्व बढ़कर 7,827.26 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 7,047.51 करोड़ रुपये था।
इस दौरान ल्यूपिन का कुल खर्च भी बढ़कर 6,374.46 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 5,130.54 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-सितंबर (पहली छमाही) अवधि में ल्यूपिन का शुद्ध लाभ 4.95 प्रतिशत घटकर 2,572.28 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 2,706.29 करोड़ रुपये था। दवा कंपनी ने सूचना में बताया कि 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छह माह की अवधि के दौरान समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी ल्यूपिन फार्मास्यूटिकल्स इंक, अमेरिका ने 316.28 करोड़ रुपये (3.58 करोड़ अमेरिकी डॉलर) में जारी प्रतिस्पर्धा रोधी मामलों में से एक का निपटारा किया।
इस दौरान उसने किसी तरह की देनदारी या गलत काम स्वीकार नहीं किया। कंपनी ने कहा कि समूह इसी तरह के अन्य मामलों के भविष्य में निपटारे के लिए शेष प्रावधान को बनाए हुए है। इस बीच, कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में अमेरिका में उसकी बिक्री 9.3 प्रतिशत बढ़कर 3,020.2 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 2,762.4 करोड़ रुपये थी।
ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक निलेश गुप्ता ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में हमने प्रमुख बाजारों में मजबूत वृद्धि और लगातार लाभप्रदता के दम पर अच्छा प्रदर्शन किया। निकट अवधि की चुनौतियों को लेकर हम सतर्क हैं लेकिन अपने उत्पाद कारोबार की मजबूती, अनुसंधान एवं विकास तथा वाणिज्यिक क्षमताओं में लगातार निवेश और अनुशासित तरीके से कामकाज करने पर अटूट ध्यान के दम पर दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं।’’
