(अदिति खन्ना)
लंदन, नौ सितंबर ब्रिटेन की राष्ट्रीय हवाई यातायात सेवा (एनएटीएस) ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि देश के हवाईअड्डों पर बड़े पैमाने पर हुए व्यवधान का कारण साइबर हमला था। इस व्यवधान से भारत आने-जाने वाली कई उड़ानें भी प्रभावित हुईं। मंगलवार को हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में आई तकनीकी समस्या के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और करीब 2,000 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
इसके दुष्प्रभाव दूसरे दिन भी जारी रहे। इस व्यवधान के कारण हजारों यात्रियों को दिक्कत हुई। ब्रिटेन के सबसे व्यस्त हीथ्रो हवाई अड्डे के अलावा गैटविक, स्टैनस्टेड, ल्यूटन और मैनचेस्टर हवाई अड्डों पर भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं और देरी हुई।
एनएटीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्टिन रॉल्फ ने बीबीसी से कहा, ‘‘हम बहुत गहन जांच करेंगे। फिलहाल, हमने साइबर हमले की आशंका को खारिज किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमने इससे पहले कभी ऐसी घटना देखी है जो एक से अधिक बार हुई हो। यह ऐसी घटना होगी, जिसे हमने 50 से अधिक वर्षों के संचालन में नहीं देखा है।
मैं कहूंगा कि सुरक्षा और आपदा से निपटने की क्षमता, दोनों के लिहाज से ब्रिटेन की दुनिया में सबसे अच्छी साख है।’’
एनएटीएस ने कहा है कि समस्या उसके ‘फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम’ में उत्पन्न हुई थी। उसने दोहराया कि यह 2023 और 2025 में हुई तकनीकी खराबियों से अलग थी, जिनके कारण हवाई यातायात बाधित हुआ था और बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित हुई थीं। ब्रिटेन की परिवहन मंत्री हेइदी अलेक्जेंडर ने एनएटीएस के सीईओ को स्थिति की जानकारी देने के लिए तलब किया है।
रॉल्फ के कार्यकाल में तीसरी बार हवाई यातायात व्यवस्था के चरमराने की घटना के बाद उनके इस्तीफे की मांग भी उठ रही है। ब्रिटेन सरकार की हवाई यातायात नियंत्रक कंपनी में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हीथ्रो हवाईअड्डे ने बुधवार को एक बयान में कहा कि उड़ानों का संचालन अब शुरू हो गया है, लेकिन एयरलाइन द्वारा ‘‘विमानों और चालक दल को फिर से अलग-अलग स्थानों पर तैनात किए जाने’’ के कारण व्यवधान जारी रह सकता है।
एनएटीएस में आई तकनीकी खराबी के बाद प्रभावित होने वाली एयरलाइन में एअर इंडिया भी शामिल है। उसे ब्रिटेन के हवाई अड्डों से आने-जाने वाली कई उड़ानों को ‘‘दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ने, विलंबित करने या रद्द करने’’ के लिए मजबूर होना पड़ा। एअर इंडिया ने कहा, ‘‘इसका असर हमारी कुछ अन्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है, क्योंकि व्यवधान के बाद हमारे विमान और चालक दल अपने निर्धारित स्थानों पर नहीं हैं… हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और व्यवधान को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
