बिहार के बेगूसराय जिले में चाकू से डराकर जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक महिला से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि जबकि दूसरे व्यक्ति की तलाश जारी है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, महिला रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अपने क्षेत्र में जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से ऋण की किस्तें एकत्र करने निकली थी।
पुलिस ने बताया कि इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोसी विक्रम कुमार साहनी से हुई, जिसने उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठने के लिए कथित तौर पर राजी कर लिया। पुलिस के मुताबिक, साहनी उसे एक सिनेमा हॉल के पास ले गया, जहां से दूसरा आरोपी रोहित कुमार उसे बातचीत के बहाने पास के एक होटल में ले गया। पुलिस ने बताया कि रोहित ने चाकू दिखाकर महिला से दुष्कर्म किया, उसे पीटा और घटना का वीडियो बना लिया।
महिला होटल से भागकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गयी। पुलिस के अनुसार, घटना का वीडियो पीड़िता के मोबाइल नंबर से जुड़े व्हाट्सऐप के जरिये प्रसारित किया गया।
पुलिस ने बताया कि उसका व्हाट्सऐप हैक कर लिया गया था और अब उसे ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, साहनी को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि रोहित की तलाश जारी है। दोनों आरोपी आपस में संबंधी हैं।
नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया और उसका बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।
पुलिस ने बताया कि जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाती है। यह घटना जमुई, समस्तीपुर और बांका के मंदार पहाड़ियों में महिलाओं से कथित दुर्व्यवहार के मामलों के कुछ दिन बाद सामने आई है। राजद नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इन घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रदेश में असुरक्षा, अन्याय और उत्पीड़न का माहौल है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बेगूसराय की घटना का उल्लेख करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। तेजस्वी ने पोस्ट में आरोप लगाया, ‘‘बिहार के बेगूसराय में एक महिला से दुष्कर्म और मारपीट की ऐसी जघन्य घटना हुई है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है।
हर जगह असुरक्षा, अन्याय और उत्पीड़न का माहौल है क्योंकि बिहार में अब दरिंदों, शैतानों और राक्षसों का शासन है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘‘आपराधिक चरित्र’’ और ‘‘जातिवादी मानसिकता’’ के कारण बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी बेटियों की चीख-पुकार सुनने के बावजूद चुप हैं ताकि चुनाव के दौरान बिहार आकर एक बार फिर ‘जंगल राज’ का राग अलाप सकें।’’
वहीं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे अपराधों के लिए राज्य की शासन व्यवस्था जिम्मेदार है।
किशोर ने आरोप लगाया, ‘‘इन लगातार हो रहे अपराधों का कारण यह है कि लोगों ने आपराधिक मानसिकता वाले अशिक्षित व्यक्ति को सत्ता में चुना है। जिस सरकार का प्रमुख बढ़ते अपराधों के प्रति उदासीन रहता है, उसके लिए अपराध-मुक्त बिहार की बात करना बेमानी है।’’
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से उन लोगों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए, जिन्होंने जाति और धर्म के आधार पर लालू प्रसाद के कथित ‘‘जंगल राज’’ के डर से या प्रधानमंत्री मोदी की अपील के जवाब में मतदान किया था। किशोर ने कहा, ‘‘बिहार के मुख्यमंत्री हाफ-एनकाउंटर, फुल एनकाउंटर और लोगों के गमछे के रंग के आधार पर उन्हें निशाना बनाने की बात करते हैं।
