पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद अब दिल्ली और कोलकाता के रिश्तों में एक नया मोड़ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद शुभेन्दु अधिकारी की पहली दिल्ली यात्रा ने साफ कर दिया है कि बंगाल को अब केंद्र से टकराव नहीं, बल्कि तालमेल और तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई मुलाकातों की श्रृंखला ने बंगाल की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए नए संकेत दे दिए हैं।
सबसे बड़ा फैसला केंद्र सरकार की ओर से आया, जब जल संसाधन मंत्रालय की योजनाओं के लिए बंगाल को उनतालीस हजार करोड़ रुपये जारी करने पर सहमति बनी। यह राशि ऐसे समय में आई है जब राज्य लंबे समय से आर्थिक सुस्ती, अधूरी परियोजनाओं और केंद्र राज्य टकराव की राजनीति से जूझ रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी को भरोसा दिया कि बंगाल के आर्थिक विकास, औद्योगिक पुनर्जीवन और रोजगार सृजन के लिए केंद्र हर संभव सहयोग देगा।
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दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद शुभेन्दु अधिकारी ने साफ कहा कि बंगाल को अब विकास की तेज रफ्तार पर लाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि राज्य में अब पारदर्शी शासन, तेज फैसले और दोहरे इंजन की सरकार के जरिए नई व्यवस्था स्थापित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने भी “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को दोहराते हुए बंगाल को केंद्र की प्राथमिकता बताया।
दिल्ली दौरे का सबसे संवेदनशील पहलू बांग्लादेश सीमा और घुसपैठ का मुद्दा रहा। गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई लंबी बैठक में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार शाह ने राज्य सरकार को सख्त दिशा निर्देश दिए हैं ताकि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके बाद शुभेन्दु अधिकारी ने मीडिया से साफ शब्दों में कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें सीमा सुरक्षा बल के माध्यम से उनके देशों में वापस भेजा जाएगा। यह बयान साफ संकेत है कि नई सरकार कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाने जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने की दिशा में उठाये जा रहे कदमों के लिए अमित शाह ने शुभेन्दु अधिकारी की पीठ भी थपथपाई।
इसके अलावा, बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव दिखाई देने वाला है। राज्य में आयुष्मान भारत योजना को पूरी तरह लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आज राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों की स्थापना पर चर्चा होगी। इसके साथ ही मोहल्ला क्लिनिक और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी वीबी ग्राम योजना को भी तेजी से लागू करने की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में एक सौ पच्चीस दिन रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
शुभेन्दु अधिकारी ने यह भी कहा कि केंद्र की सभी योजनाएं अब बंगाल में लागू की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौर में जो परियोजनाएं अटकी हुई थीं, उन्हें अब तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। नमामि गंगे परियोजना के लिए भी बंगाल को विशेष सहायता मिलने की बात कही गई है। कृषि क्षेत्र में अतिरिक्त बजटीय सहायता और औद्योगिक ढांचे के विस्तार की दिशा में भी केंद्र सरकार सकारात्मक दिखाई दे रही है।
रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चिकन्स नेक क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपने की तैयारी भी इस दौरे की बड़ी उपलब्धियों में मानी जा रही है। शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों के संपर्क को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को जमीन पर उतारा जाएगा।
दिल्ली दौरे के दौरान शुभेन्दु अधिकारी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले ऐतिहासिक जनादेश का जिक्र करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की और कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संगठन और सरकार मिलकर काम करेंगे।
देखा जाये तो दिल्ली में हुई इन बैठकों ने साफ कर दिया है कि बंगाल अब नई राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ रहा है। लंबे समय तक टकराव और आरोप प्रत्यारोप की राजनीति झेलने के बाद अब राज्य में विकास, निवेश, सुरक्षा और केंद्र के साथ समन्वय को नई प्राथमिकता बनाया जा रहा है। कुल मिलाकर देखें तो शुभेन्दु अधिकारी की मुख्यमंत्री के रूप में पहली दिल्ली यात्रा ने बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संदेश दे दिया है।
