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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बावजूद अधिक संतुष्ट नहीं हैं। यह भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पुरुष टीम के कांस्य पदक से निराश है क्योंकि उनका मानना है कि भारत के पास पिछले एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने का पूरा मौका था। हवाई अड्डे से अभय ने बिना किसी माला, बैंड और शोर-शराबे के चुपचाप बाहर निकलते हुए स्वदेश वापसी की।पुरुष एकल में रजत पदक जीतने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आ रही थी। अभय ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम…
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को फ्लाईदुबई के कप्तान स्मित मच्छार से फोन पर बात की। उन्होंने 30 सितंबर को हवा में हुई आपात स्थिति के दौरान कई लोगों की जान बचाने के लिए पायलट की हिम्मत की तारीफ की और उन्हें ‘हीरो’ बताया।फोन पर नेतन्याहू ने कप्तान मच्छार से कहा, “आप इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए हीरो हैं।” इसके साथ ही उन्होंने फ्लाईदुबई के पायलट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया।नेतन्याहू ने दिया खास सम्मान का न्योतानेतन्याहू ने कप्तान मच्छार से कहा, “मैं आपको इजरायल…
(हिमांक नेगी) नयी दिल्ली, चार अक्टूबर रात के करीब तीन बजे थे लेकिन हवाई अड्डे पर रौनक बनी हुई थी और एशियाई खेलों में पदक जीतकर लौटे भारतीय मुक्केबाजों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उत्साहित परिजनों की मौजूदगी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बैंड, फूल-माला, मिठाइयों से खिलाड़ियों का स्वागत हुआ। भारतीय मुक्केबाजी दल के नागोया में यादगार अभियान के बाद स्वदेश वापसी पर उसका सफलता के अनुरूप स्वागत किया गया।भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने खिलाड़ियों की अगवानी की। स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा…
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर जापान की प्रमुख इमेजिंग और ऑप्टिकल प्रौद्योगिकी कंपनी कैनन भारत में तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने देश में बनाई जा रही प्रमुख सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से जुड़े पक्षों के साथ बातचीत की है और चिप निर्माताओं को प्रौद्योगिकी सहायता देने के लिए भारत में अपनी लिथोग्राफी तकनीक तथा सेवा केंद्र लाने की योजना बनाई है। कैनन इंडिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तोशियाकी नोमुरा ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण का विस्तार कंपनी के लिए एक बड़ा अवसर है।कैनन चिप…
नवरात्रि का पर्व आते ही डांडिया नाइट के लिए ट्रेडिशनल आउटफिट के साथ ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी का ख्याल भी सबसे पहले आता है। एथनिक लुक को पूरा करने में गहने ही काम आते हैं। हालांकि, समस्या तब सामने आती है, जब चमकने वाले गहने काले पड़ जाए।इस बार आप डांडिया नाइट में अपनी पुरानी ऑक्सीडाइज्ड पहनने की सोच रही हैं, तो अब परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। आज हम आपको इस लेख में कुछ आसान और असरदार घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे ट्राई करके आप पुरानी एक्सेसरीज को बिना एकदम नया जैसा चमक जाएगी।काली…
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर एयर-कंडीशनर और अन्य उपभोक्ता उपकरणों की कीमतों में त्योहारी मौसम से पहले 5-8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी के बावजूद विनिर्माता इस बार बिक्री में दोहरे अंक की वृद्धि को लेकर आशान्वित हैं। कंपनियों का मानना है कि प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग, पुराने उपकरणों को बदलने की जरूरत, आसान मासिक किस्त (ईएमआई) और उपभोक्ता धारणा में सुधार से बिक्री को मजबूती मिलेगी। इस साल कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है।तांबा, एल्युमीनियम और इस्पात जैसी धातुओं की बढ़ती लागत के साथ कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की कीमतों, माल ढुलाई खर्च और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव…
(गुंजन शर्मा) नयी दिल्ली, चार अक्टूबर विद्यार्थियों की आत्महत्या रोकने की कोशिशों के बीच भारतीय शिक्षण संस्थान अपने यहां पंखों में भी बदलाव कर रहे हैं। कहीं स्प्रिंग लगे ‘आत्महत्या रोधी’ पंखे लगाए जा रहे हैं, तो कहीं पंखों को जाली से ढका जा रहा है और कुछ संस्थान छत की जगह दीवार वाले पंखे लगा रहे हैं। इन कदमों को भले ही ‘तात्कालिक उपाय’ कहकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन कई विदेशी विश्वविद्यालय भी पहले ऐसे भौतिक बदलाव अपना चुके हैं।अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय (यूएच) ने परिसर में आत्महत्या की दो घटनाओं के बाद 2023 में…
Sattu and whey protein are both popular among people looking to increase their protein intake, but their nutritional profiles are quite different. While sattu provides protein along with carbohydrates, fibre and iron, whey protein offers a much higher concentration of protein.In a September 17 Instagram post, Sonia Narang, dietitian and nutritionist, shared an approximate nutritional comparison between sattu and whey protein. She notes that the values can vary depending on the product, preparation, brand, additives and ingredients. (Also read: 5 ‘bad’ cholesterol myths busted: Cardiologist explains why feeling fine doesn’t mean your heart is safe )Sattu vs whey: Which has…
बहराइच (उप्र), चार अक्टूबर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने 32 साल पुराने तिहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए शनिवार को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने रविवार को यह जानकारी दी। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी अधिनियम) पवन कुमार शर्मा की अदालत ने महावीर, गिरधारी, विजयराज, गरीबे और राधेश्याम को दोषी ठहराया।अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और जुर्माने की आधी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं देने पर दोषियों को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना…
I swapped my regular foundation with a cushion foundation (Magnific)Shweta Pandey is a Senior Content Writer at Hindustan Times, with over 12 years of experience in beauty and wellness journalism, specialising in makeup, skincare, and hair care.She began her professional writing journey in 2011, entering the evolving world of digital lifestyle journalism as beauty and wellness content rapidly transformed in India. Over the years, she has worked with reputed digital media houses like India Today, the Times of India and Skymet Weather, steadily building credibility through well-researched features, product reviews, and trend analyses. Her career reflects consistent growth, moving from…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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