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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
In an era of ‘miracle’ diets and rapid transformations, a doctor is urging a return to patience. Dr Sudhir Kumar, a neurologist at Apollo Hospitals, Hyderabad, issued a public warning against pursuing quick weight loss, arguing that the physiological cost often outweighs the aesthetic benefits. Also read | Boney Kapoor’s ’26 kg weight loss without gym’: Doctor explains if ‘skipping dinner, having fruits for breakfast’ worksDr Sudhir Kumar cautions against the urgency of rapid weight loss, stressing it leads to negative physiological effects. (Pexel)The myth of weight loss ’emergency’Dr Kumar took to X on April 10 to address the growing…
इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान की भूमिका पर तीखा तंज कसा है। थरूर ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे गहरा तालमेल चल रहा है, जिसका उदाहरण पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सोशल मीडिया पोस्ट में दिखता है।’ड्राफ्ट’ वाले पोस्ट पर थरूर का निशानाशशि थरूर ने शहबाज शरीफ की उस वायरल पोस्ट का जिक्र किया, जो उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के लिए लिखी थी। थरूर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अमेरिका ने ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को यह संदेश पोस्ट करने के लिए कहा था। वरना…
Just one in three Indian school children has adequate stamina, with only 34% meeting aerobic fitness benchmarks – the weakest among all indicators – according to a report evaluating over 1.4 lakh children across 333 schools in 112 cities.The findings highlight poor cardiovascular endurance, weak muscle strength, and disparities across school types, even as overall fitness levels recover steadily after the Covid-19 slump. The report presents a mixed picture: while flexibility and core strength show relatively strong outcomes, the overall fitness profile remains uneven.Aerobic capacity is the most alarming weakness, with just 34% meeting healthy standards. This reflects low cardiovascular…
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे की मैराथन बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। 40 दिनों के युद्ध और दो हफ्तों के संघर्ष-विराम के बाद शुरू हुई यह पहल बुरी तरह विफल रही है।प्रतिनिधिमंडलों की रवानगीअमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ईरान पर आरोप लगाते हुए पाकिस्तान से रवाना होने के तुरंत बाद, ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी स्वदेश लौट गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे। जेडी वेंस ने स्पष्ट…
Hindi NewsCareerThe First 30 Seconds Of An Interview Are The Most Important, Start Strong; 65% Of Candidates Are Rejected Due To Poor Body Language.नई दिल्ली17 मिनट पहलेकॉपी लिंकइंटरव्यू को एकतरफा सवाल-जवाब के बजाय एक सामान्य बातचीत की तरह लेना चाहिए। – सिम्बॉलिक इमेजएआई के दौर में किसी भी नौकरी के लिए परफेक्ट रेज्यूमे बनाना आसान हो गया है, लेकिन इंटरव्यू क्रैक करना अब भी असली परीक्षा है। Market.biz के आंकड़े बताते हैं कि 65% इंटरव्यूअर्स उन उम्मीदवारों को तुरंत रिजेक्ट कर देते हैं, जिनकी बॉडी लैंग्वेज सही नहीं होती।वहीं 33% रिक्रूटर्स इंटरव्यू के पहले 90 सेकेंड में ही फैसला कर…
Anti-ageing science takes a step forward with scientists now preparing to test a technique that could make old cells behave like younger ones. It offers hope for restoring vision, repairing organs, and possibly slowing down ageing itself. But while the science is promising, experts caution that the risks are just as real.Anti-ageing science takes a step forward with scientists now preparing to test a technique that could make old cells behave like younger ones. (Unsplash)Also read | Longevity doctor reveals what drives face ageing, lists 12 ways to slow down the processAccording to a report published in Nature on April…
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता विफल हो गई है। 40 दिनों के युद्ध और दो हफ्तों के अस्थायी युद्धविराम के बाद, दोनों देश इस शांति को स्थायी बनाने के लिए मिले थे, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे गंभीर मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।अमेरिका का रुखअमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 21 घंटे तक चली लंबी बातचीत के बाद अमेरिका लौटने का फैसला किया। उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपनी ओर से सबसे बेहतर समझौता पेश किया था, लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं…
This grandmother’s daily workout routine proves it’s never too late to get fit – meet Amrit Kaur, who, at the age of 75 years, started her strength training under the guidance of her son, Aminder Singh, who is a fitness trainer. From basic exercises like push-ups and treadmill walk to slowly gearing up with barbell squats, this ‘dadi (grandmother)’, is redefining fitness goals by sharing her everyday workout videoson Instagram account, Get Fit With Dadi. Here’s a breakdown of her fitness routine.Amrit Kaur, who, at the age of 75 years, started her strength training under the guidance of her son,…
ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई पहले दौर की बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। करीब 21 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक के बाद अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया कि वार्ता नाकाम रही है और इसके लिए उन्होंने ईरान के कड़े रुख को जिम्मेदार ठहराया है।वार्ता में क्या हुआ?शनिवार को शुरू हुई यह चर्चा करीब 15 घंटे और कुल मिलाकर 21-25 घंटे तक चली। जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लंबी चर्चा के बावजूद दोनों पक्षों के…
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) इस साल (सत्र 2025-26) 10वीं और 12वीं के परिणाम 20 से 25 अप्रैल के बीच घोषित कर सकता है। सीबीएसई ने अब तक अपना रिजल्ट मई या इसके बाद के महीने में जारी किए हैं। ऐसा पहली बार होगा कि अप्रैल में रिजल्ट आएगा।.बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया है। फिलहाल ‘मार्क्स फीडिंग’ की प्रक्रिया चल रही है।उधर, इस शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए ‘टू-एग्जाम’ पॉलिसी लागू की है। इसका सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो पहली परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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