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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह) नागोया, 20 सितंबर इलावेनिल वलारिवान के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने पदकों का खाता निशानेबाजी में दो रजत के साथ खोला जबकि ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ में अप्रत्याशित रूप से पदक पक्का किया और लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। दिन के कुछ अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शनों में पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीम की शुरुआती मुकाबले में बड़ी जीत के साथ-साथ बैडमिंटन और टेबल टेनिस की टीम स्पर्धाओं में शानदार शुरुआत शामिल रही। हालांकि 27 वर्षीय वलारिवान…
दिल्ली में मतदाता सूची की जांच के दौरान कई बड़े नामों को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिला है। इनमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर, पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनका परिवार, सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद और उनका परिवार, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई का परिवार शामिल है।इसके अलावा कई मौजूदा और पूर्व बड़े अधिकारियों को भी नोटिस मिला है। कहीं वोटर रिकॉर्ड पिछली सूची से नहीं जुड़ पाया, तो कहीं नाम या परिवार की जानकारी में अंतर मिला है।एस जयशंकर और…
मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का जिक्र आते ही उनकी उर्दू शायरी और हिंदुस्तान से उनकी मोहब्बत की भी बात होती है। कहने को तो वह 1837 में बादशाह बने, लेकिन तब तक देश के काफी बड़े इलाके पर अंग्रेजों का कब्जा हो चुका था। सल्तनत के नाम पर उनके पास कुछ ही इलाके बचे थे। सन 1857 में क्रांति की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उन्होंने भी अंग्रेजों को खदेड़ने का आह्वान किया, लेकिन 82 बरस के बूढ़े बहादुर शाह जफर की अगुवाई में लड़ी गई यह लड़ाई कुछ…
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को नीमच और मंदसौर क्षेत्र में स्थित गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में मादा चीता सीसीबी-2 को खुले जंगल में छोड़ा। यह मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह केवल मध्य प्रदेश तक सीमित पहल नहीं है, बल्कि एशिया में अपनी तरह की पहली परियोजना है। उन्होंने कहा कि एक समय एशिया से चीते पूरी तरह गायब हो गए थे और प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश सरकार ने इन्हें फिर से बसाने का काम…
किताबों के शौकीनों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए कॉर्बेट साहित्य महोत्सव का पहला संस्करण छह अक्टूबर से शुरू होगा। इसमें लेखक, वन्यजीव विशेषज्ञ, इतिहासकार, फोटोग्राफर और कहानीकार एक साथ आएंगे और प्रकृति एवं वन्यजीवों पर बातचीत करेंगे। ‘3 डेज इन द वाइल्ड’ नाम से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय आवासीय महोत्सव में 20 से अधिक सत्र में 30 से अधिक वक्ता हिस्सा लेंगे।इनमें चार प्रमुख विषयों प्रकृति एवं वन्यजीव, हिमालय, उत्तराखंड तथा संस्कृति एवं विरासत पर चर्चा होगी। यह महोत्सव कॉर्बेट में इसके आतिथ्य साझेदारों ‘द गोल्डन टस्क’, ‘द रिवरव्यू रिट्रीट’ और ‘आहाना रिजॉर्ट एंड स्पा’ में आयोजित किया…
As one ages, cognitive decline may occur, sometimes due to progressive neurodegenerative diseases such as Alzheimer’s. As the condition progresses over time, the focus is often on detecting its symptoms early. Memory-related tests are commonly used to identify possible warning signs, as Alzheimer’s affects areas of the brain involved in memory. But to what extent? You will come across many ‘Alzheimer’s’ memory tests online, but are they really accurate?ALSO READ: Want to keep your brain resilient as you age? Dementia specialist shares 7 everyday habitsDr Abhishek Dixit, in neurology at Paras Health, Gurugram, explained to HT Lifestyle what five-minute memory…
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के एक कॉमेडी एक्ट को लेकर सियासी विवाद जारी है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने और ‘मां को कुर्सी दो’ जैसे संवाद को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं।इसी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मां के सम्मान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में उन्होंने कहा कि किसी की मां के प्रति जैसी भावनाएं हैं, वैसी ही भावनाएं हर व्यक्ति की अपनी मां और परिवार के प्रति होती हैं।अखिलेश यादव ने…
आजकल की खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण पेट और पाचन संबंधित समस्याओं का समाना करना पड़ता है। पेट में गैस बनाना, कब्ज, एसिडिटी या पेट फूलने जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। ऐसे में कई लोग प्रोयोबोटिक्स, फाइबर सप्लीमेंट, डिटॉक्स ड्रिंक का सेवन करते हैं, लेकिन घरेलु नुस्खे भी ट्राई करते हैं।अक्सर पेट की सेहत को ठीक करने की कोशिश में आप कहीं न कहीं गलती कर बैठते हैं।Gut Health बिगाड़ने वाली आदतेंगट हेल्थ के लिए सही खान-पान के साथ ही अच्छी आदतों को रुटीन फॉलो करना काफी जरुरी है। आइए आपको बताते हैं गट हेल्थ को कैसे…
भारतीय मिक्स मार्शल आर्ट खिलाड़ी वरुण सान्याल एशियाई खेलों में 77 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वजन कम करने की प्रक्रिया के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सकीय जांच में उन्हें प्रतियोगिता के लिए फिट नहीं पाया गया। वरुण को सॉना में वजन कम करने के दौरान चक्कर आया और वह कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे।मौजूद जानकारी के अनुसार, वजन कम करने के लिए वरुण भोजन और पानी की मात्रा सीमित कर रहे थे। इसके बाद करीब 30 मिनट तक सॉना में रहने के दौरान उन्हें चक्कर, कमजोरी और मांसपेशियों में…
गुजरात के सूरत में एक टैंकर से एलपीजी गैस सिलेंडर में अवैध रूप से गैस भरने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त शैफाली बरवाल ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम ने शनिवार को भेसान-हजीरा रोड स्थित एक पार्किंग परिसर की जांच की, जहां एक टैंकर से 84 सिलेंडर में अवैध रूप से एलपीजी गैस भरी जा रही थी।प्राथमिकी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन सिंह गुज्जर (26), सुरेश बोरीवाला (35), महेश जांजवडिया (35), पंकज सिंह ठाकुर (26), देवा…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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