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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
बच्चों की सेहत का ख्याल रखने के लिए जरूरी है कि उनकी डाइट में तरह-तरह की सब्जियों को शामिल किया जाए। हालांकि, अक्सर बच्चे सब्जियों से बचते नजर आते हैं और लौकी का तो नाम सुनकर ही वे टेढ़े-मेढ़े मुंह बनाने लगते हैं। शायद ही कोई ऐसा बच्चा हो, जो लौकी खाना पसंद करता हो। हालांकि, यह एक ऐसी सब्जी है, जिसे सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसमें ना केवल काफी कम कैलोरी होती है, बल्कि वाटर कंटेंट भी काफी अधिक होता है। इसके अलावा, इसमें कई तरह के विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं, जो बच्चों…
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग भारत में तेजी से बढ़ रही है, खासकर पेट्रोल और डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण। ऐसे समय में MG Motor की Windsor EV ने लॉन्च के कुछ ही महीनों में बाजार में अपनी खास जगह बना ली थी। लेकिन अब इस कार को खरीदने की योजना बना रहे लोगों को थोड़ा ज्यादा बजट तैयार करना पड़ेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि MG ने अपनी इस पॉपुलर इलेक्ट्रिक कार में क्या बदलाव किए हैं और यह बदलाव ग्राहकों को कैसे प्रभावित करेंगे।सिर्फ टॉप मॉडल हुआ महंगाMG Motor ने Windsor EV की कीमतों में संशोधन…
2024 में अमिताभ बच्चन के साथ वेट्टैयां के बाद, रजनीकांत 14 अगस्त को अपनी आगामी फिल्म की रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गुरुवार, 8 अगस्त को फिल्म की एक निजी स्क्रीनिंग आयोजित की गई और शुरुआती समीक्षाएं आनी शुरू हो गई हैं। और जो लोग फिल्म के बारे में सोच रहे हैं, उनके लिए बता दें कि कुछ प्रशंसकों ने खुलासा किया है कि 2016 में कबाली के बाद कुली, रजनीकांत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।एक एक्स यूजर ने फिल्म के हर प्रमुख किरदार के अभिनय का विस्तृत विश्लेषण साझा किया है। रजनीकांत के लिए, यूजर ने लिखा, “कबाली…
हाल ही में IRCTC ने अपने 15 से 20 हजार वाले टूर पैकेज लाइव कर दिए हैं। इन सस्ते टूर पैकेज में भी आपको सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन इस पैकेज का टिकट बुक करने के दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। इसलिए कोशिश करें कि इस टूर पैकेज में खाने-पीने की सुविधाओं पर एक नजर डाल लें। क्योंकि कई सस्ते टूर पैकेज में खाने-पीने की सुविधाएं नहीं होती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 15 हजार वाले टूर पैकेज के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। अगर आपको भी यह टूर…
केंद्र में तीसरी बार सत्तारूढ़ हुई भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने 70 साल से ज्यादा उम्र के सभी जाति व धर्म के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड योजना को शुरू किया है। जिसके तहत देश के सभी नागरिक 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। इसलिए आयुष्मान वय वंदना से जुड़े कई सवाल लोगों के मन में कौंध रहे हैं।वह यह कि आयुष्मान वय वंदना कार्ड क्या है? इस हेल्थ बीमा कार्ड के फायदे क्या हैं? इस स्वास्थ्य बीमा कार्ड को बनवाने के लिए पात्रता क्या है? 70 साल से ज्यादा उम्र…
सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (एससीईएल) ने बाजार नियामक सेबी के समक्ष आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 1,400 करोड़ रुपये जुटाने के वास्ते प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दाखिल दस्तावेज के अनुसार, आईपीओ में 1,000 करोड़ रुपये के नए शेयर और 400 करोड़ रुपये की ब्रिकी पेशकश (ओएफएस) शामिल है। कंपनी की आईपीओ से हासिल राशि में से 865 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज भुगतान और 35 करोड़ रुपये अपनी अनुषंगी कंपनी बीएपीएल के उधारों को चुकाने के लिए तथा शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग करेगी। राजकोट मुख्यालय वाली…
जब भी हमारे देश का कोई प्रधानमंत्री चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे शत्रु देशों से वैश्विक कूटनीति के नाम पर प्रेम और भरोसे के पींगे बढ़ाना चाहता है, या फिर नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार या तिब्बतियों पर भारतीयों की गाढ़ी कमाई लुटाता है तो मेरे मन में एक ही सवाल पैदा होता है कि हमारे इन नेताओं को इतिहास का ज्ञान नहीं है, या फिर भौगोलिक सच्चाई से ये नादान हैं। क्या इन्हें उन वीर जवानों और साम्प्रदायिक दंगा, आतंकवाद, नक्सलवाद, संगठित अपराध की भेंट चढ़े आमलोगों व सुरक्षा कर्मियों के चेहरे याद नहीं आते, उनकी विधवाओं और बच्चों, वृद्ध…
सनातन संस्कृति में ‘रक्षा’ और ‘बंधन’ दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणाएं हैं। ‘रक्षा’ का अर्थ केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि भावनात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रक्षा भी है। वहीं ‘बंधन’ किसी को बाधित करने वाला नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और मर्यादा से जुड़ा आत्मिक संबंध है। रक्षाबंधन का मूल बहुत प्राचीन है । इसका सबसे प्रारंभिक उल्लेख वेदों में “रक्षासूत्र” के रूप में मिलता है। यजुर्वेद में ब्राह्मण पुरोहितों द्वारा यज्ञ या धार्मिक अनुष्ठानों के समय राजा या यजमान की कलाई में रक्षासूत्र बाँधने की परंपरा थी, जिससे उसकी रक्षा दैविक शक्तियों के द्वारा हो सके। मंत्र था:”येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो…
Hindi NewsCareer5 Important Things For Studying Abroad; These PG Diplomas Will Enhance Your Skills4 मिनट पहलेकॉपी लिंककरियर क्लैरिटी सीजन 2 के 68वें एपिसोड में आपका स्वागत है। आज हम दो सवाल हैं पहला सवाल देवास जिले से है और दूसरा सवाल भोपाल मप्र से जुड़ा हुआ है।सवाल- मैं BA फर्स्ट ईयर कर रहा हूं, इसके बाद मुझे किस फील्ड में जाना चाहिए?जवाब- सीनियर करियर काउंसलर श्वेता खन्ना भंद्राल बताती हैं- आप BA के बाद मास्टर्स इन सोशल वर्क कर सकते हैं। आप चाहें तो सोशियोलॉजी, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस या इंटेरनेशनल रिलेशन जैसे किसी भी सब्जेक्ट से मास्टर्स कर सकते हैं।आप…
Updated on: Aug 07, 2025 09:16 pm IST Calm down your mind and body with these 5 bedtime yoga poses that help you relax and reduce tension before bed. After a long day, a healthy bedtime routine helps ease into sleep better, even falling asleep faster. But if you don’t have any wind-down ritual in place, then your mind may keep buzzing, often finding it harder to sleep and ending up tossing and turning the entire night. This is where a calming bedtime ritual comes in handy, helping to align your body and mind and signal that it’s time to…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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