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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर सीमाओं और दीवारों में बंटी इस दुनिया के इतिहास में तीन अक्टूबर की तारीख अपना एक अलग मुकाम रखती है। तीन अक्टूबर, 1990 को ही पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी एक हो गए थे। यह पहला मौका था, जब किसी विभाजित देश को जन आंदोलन के कारण फिर से एक होने का मौका मिला।तीन अक्टूबर की सुबह दोनों जर्मनी में रहने वाले लोगों के लिए एक नया एहसास लेकर आई। पिछली रात से ही बर्लिन के ब्रांडनबुर्गर गेट के सामने लाखों की संख्या में लोग जमा थे और वह 45 वर्षों के बाद एकीकृत जर्मनी का सूरज…
नागोया, तीन अक्टूबर ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत और अंतिम पंघाल ने एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुषों के 57 किलोग्राम और महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया। पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया और स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना अब उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान से होगा। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम ने भी महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में फाइनल में जगह…
दो-तीन दिन पहले तक खबर थी कि अमेरिकी सेना इराक से अपना बोरिया-बिस्तर समेट रही है। 30 सितंबर को अमेरिकी और गठबंधन बलों ने इराक में अपनी आखिरी प्रमुख तैनाती भी समाप्त कर दी। ईरान और उसके समर्थकों ने इसे अमेरिका के पश्चिम एशिया से पीछे हटने की शुरुआत के तौर पर पेश किया। लेकिन अब तस्वीर अचानक पलटती दिखाई दे रही है। इराक से सैनिक निकले हैं, मगर अमेरिकी सैन्य शक्ति पश्चिम एशिया से दूर जाने की बजाय समुद्र और हवा के रास्ते फिर से ईरान के आसपास जमा हो रही है।यही वह बदलाव है जिसने एक बार फिर…
नागोया, तीन अक्टूबर पूर्व भारतीय निशानेबाज राजेश्वरी कुमारी को शनिवार को दक्षिण एशिया के प्रतिनिधि के रूप में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की एथलीट समिति में शामिल किया गया। ओसीए एथलीट समिति में अन्य तीन क्षेत्रीय पदों के लिए एशियाई खेलों के दौरान चुनाव कराए गए। राजेश्वरी के नामांकन को पहले ही ओसीए के कार्यकारी बोर्ड से मंजूरी मिल गई थी।पश्चिम एशिया (एक महिला खिलाड़ी), मध्य एशिया (एक पुरुष खिलाड़ी), पूर्वी एशिया (एक पुरुष खिलाड़ी) और दक्षिण पूर्व एशिया (एक महिला खिलाड़ी) से एक-एक प्रतिनिधि का चयन करने के लिए चुनाव कराए गए। पिछले एशियाई खेलों में 34 वर्षीय राजेश्वरी…
ठाणे, तीन अक्टूबर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता प्रदीप पूर्णेकर के परिजनों ने स्थानीय राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका जताते हुए उनकी (प्रदीप पूर्णेकर) हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। पूर्णेकर के परिवार ने शुक्रवार को दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं, विधायक संजय केलकर और विधान परिषद सदस्य निरंजन डावखरे से मुलाकात की। परिजनों ने उनसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल मुलाकात कराने का आग्रह किया, ताकि मामले की बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्णेकर की पत्नी और बेटे…
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के ठोस परिणाम सामने आए हैं। राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपराधियों के खिलाफ राज्यव्यापी ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभूतपूर्व कार्रवाई की गई है। इस अवधि के दौरान पुलिस एनकाउंटर में जहां 303 कुख्यात अपराधी मारे गए, वहीं 23,601 इनामी वॉन्टेड बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा गया।ये आंकड़े अलग-अलग कानूनों के तहत और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई को भी दिखाते हैं। इनाम…
हेल्दी रहने के लिए बेहतरीन डाइट का होना भी काफी जरुरी है। मोरिंग जिसे आम भाषा में सहजन कहा जाता है। असल में यह एक ऐसा वृक्ष है जिसके सभी भाग उपयोग में आते हैं। इसकी फलियां, पत्तियां, फूल, बीज, तना और जड़ सभी औषधि के रुप में कारगर है।साइंस में इसे चमत्कारी वृक्ष माना जाता है। आज ही नहीं हजारों साल पहले भी इससे प्राकृतिक चिकित्सा में प्रयोग किया जा रहा है। असल में इस वृक्ष के प्रति भाग में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम और मैग्नेशियम जैसे मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी आप सब्जी, सूप…
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में पहले से जारी तनाव के बीच एक नए और खतरनाक टकराव की आशंका गहराई नजर आ रही है। दुबई से इज़राइल के तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की उड़ान में हुए संदिग्ध हमले को लेकर इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इस साजिश के पीछे जो भी देश या संगठन शामिल होगा, इज़राइल उससे “बहुत भारी कीमत” वसूलेगा।इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि बुधवार की फ्लाईदुबई घटना के पीछे जो भी होगा, इज़राइल उससे “बहुत…
“That everlasting Origin,” Charles Darwin complained in 1868 as he was readying yet another version of “On the Origin of Species,” first published in 1859. “I am sick of correcting.” Yet he went on correcting, as he had done for several previous editions, cutting and replacing words, rearranging sentences, even adding a new chapter to the sixth edition. It was as if the message Darwin hoped to convey—that life was a constant process of loss, change and renewal—was also true of the book that has come to define him.Grab a copyDarwin: A BiographyBy Janet BrownePrinceton University Press, 624 pagesBuy the…
Face masks for pre-event festive glow (magnific)Shweta Pandey is a Senior Content Writer at Hindustan Times, with over 12 years of experience in beauty and wellness journalism, specialising in makeup, skincare, and hair care.She began her professional writing journey in 2011, entering the evolving world of digital lifestyle journalism as beauty and wellness content rapidly transformed in India. Over the years, she has worked with reputed digital media houses like India Today, the Times of India and Skymet Weather, steadily building credibility through well-researched features, product reviews, and trend analyses. Her career reflects consistent growth, moving from content contributor to…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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