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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
Though their family homes had stood next door to each other in Srinagar for 32 years, separated only by a shared boundary wall, Imaan Shah and Zamin Sheikh had lived much of their lives oceans apart. Also read | Watch ‘gorgeous’ Kashmiri woman transform into ‘a classic Malayali bride’Imaan divided her time between the United Kingdom, Delhi, and Kashmir, while Zamin resided primarily in the United States. Yet, an arrangement orchestrated by their families eventually brought the couple together, culminating in nearly two weeks of celebrations in Srinagar.As documented by Vogue India, the celebrations — which ran from August 11…
Weight loss journeys often involve more than simply stepping on a weighing scale. For Navu, who weighed 130 kg five months ago, her transformation has involved making consistent changes to her diet, daily movement and workout routine. She shared an October 2 Instagram video documenting her progress and opened up about the habits that helped her along the way.Reflecting on how far she has come, Navu wrote, “5 months ago, I couldn’t imagine being where I am today.” (Also read: Woman who lost 35 kg in 12 months shares simple weight loss tips she ‘stole’ from Reddit: Meal prep to…
मुंबई, तीन अक्टूबर मुंबई स्थित इजराइल के महावाणिज्य दूतावास ने इजराइल जाने वाले एक विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की साजिश को नाकाम करने वाले ‘फ्लाईदुबई’ के पायलट स्मित मच्छार के सम्मान में शुक्रवार को शहर में एक होर्डिंग प्रदर्शित किया। मुंबई में इजराइल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कैप्टन स्मित मच्छार भारत के नए नायक हैं और इजराइल उनका नाम कभी नहीं भूलेगा। धन्यवाद, कैप्टन स्मित!आप जल्द स्वस्थ हों। इजराइल आपके इस्तकबाल का इंतजार कर रहा है।’’ उन्होंने होर्डिंग की एक तस्वीर भी साझा की, जिस पर लिखा था, ‘‘लोगों की…
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक स्क्रीन देखने, आराम की कमी और व्यस्त लाइफस्टाइल का असर अक्सर हमारे चेहरे पर नजर आने लगता है। वहीं कई बार पर्याप्त मेकअप के बाद भी हमारा चेहरा डल और थका हुआ लगता है। ऐसे में आप फेस योगा को अपनी डेली रूटीन में शामिल कर सकती हैं। इससे फेस और गर्दन की मांसपेशियों को हल्के मूवमेंट और स्ट्रेच के जरिए रिलैक्स किया जाता है। ऐसे में अगर आप भी अपने चेहरे पर निखार और ताजगी पाना चाहती हैं, तो इन आसान फेस योगा को अपने रूटीन में शामिल कर सकती…
बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों में जितिया व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। जितिया व्रत माताएं अपनी संतानों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए रखती हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस निर्जला कठिन व्रत का समापन पारण के साथ होता है।पारण वाले दिन सुबह स्नान करके भगवान जी की पूजा-अर्चना के बाद व्रत खोला जाता है। इस दिन विशेष रूप से पारंपरिक बिहारी व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनमें सतपुतिया यानी झिंगनी की सब्जी और छोटे चने (घूघनी) का धार्मिक के साथ ही पारंपरिक महत्व माने जाते हैं। आइए आपको सतपुतिया और छोटे चने को…
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर सीमाओं और दीवारों में बंटी इस दुनिया के इतिहास में तीन अक्टूबर की तारीख अपना एक अलग मुकाम रखती है। तीन अक्टूबर, 1990 को ही पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी एक हो गए थे। यह पहला मौका था, जब किसी विभाजित देश को जन आंदोलन के कारण फिर से एक होने का मौका मिला।तीन अक्टूबर की सुबह दोनों जर्मनी में रहने वाले लोगों के लिए एक नया एहसास लेकर आई। पिछली रात से ही बर्लिन के ब्रांडनबुर्गर गेट के सामने लाखों की संख्या में लोग जमा थे और वह 45 वर्षों के बाद एकीकृत जर्मनी का सूरज…
नागोया, तीन अक्टूबर ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत और अंतिम पंघाल ने एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुषों के 57 किलोग्राम और महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया। पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया और स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना अब उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान से होगा। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम ने भी महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में फाइनल में जगह…
दो-तीन दिन पहले तक खबर थी कि अमेरिकी सेना इराक से अपना बोरिया-बिस्तर समेट रही है। 30 सितंबर को अमेरिकी और गठबंधन बलों ने इराक में अपनी आखिरी प्रमुख तैनाती भी समाप्त कर दी। ईरान और उसके समर्थकों ने इसे अमेरिका के पश्चिम एशिया से पीछे हटने की शुरुआत के तौर पर पेश किया। लेकिन अब तस्वीर अचानक पलटती दिखाई दे रही है। इराक से सैनिक निकले हैं, मगर अमेरिकी सैन्य शक्ति पश्चिम एशिया से दूर जाने की बजाय समुद्र और हवा के रास्ते फिर से ईरान के आसपास जमा हो रही है।यही वह बदलाव है जिसने एक बार फिर…
नागोया, तीन अक्टूबर पूर्व भारतीय निशानेबाज राजेश्वरी कुमारी को शनिवार को दक्षिण एशिया के प्रतिनिधि के रूप में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) की एथलीट समिति में शामिल किया गया। ओसीए एथलीट समिति में अन्य तीन क्षेत्रीय पदों के लिए एशियाई खेलों के दौरान चुनाव कराए गए। राजेश्वरी के नामांकन को पहले ही ओसीए के कार्यकारी बोर्ड से मंजूरी मिल गई थी।पश्चिम एशिया (एक महिला खिलाड़ी), मध्य एशिया (एक पुरुष खिलाड़ी), पूर्वी एशिया (एक पुरुष खिलाड़ी) और दक्षिण पूर्व एशिया (एक महिला खिलाड़ी) से एक-एक प्रतिनिधि का चयन करने के लिए चुनाव कराए गए। पिछले एशियाई खेलों में 34 वर्षीय राजेश्वरी…
ठाणे, तीन अक्टूबर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता प्रदीप पूर्णेकर के परिजनों ने स्थानीय राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका जताते हुए उनकी (प्रदीप पूर्णेकर) हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। पूर्णेकर के परिवार ने शुक्रवार को दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं, विधायक संजय केलकर और विधान परिषद सदस्य निरंजन डावखरे से मुलाकात की। परिजनों ने उनसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल मुलाकात कराने का आग्रह किया, ताकि मामले की बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्णेकर की पत्नी और बेटे…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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