असम के गोलाघाट जिले से एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 30 ‘टोके गेको’ (छिपकली की प्रजाति) को मुक्त कराया गया है। वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने रविवार को यह जानकारी दी। बरुआ ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद मुक्त कराई गई छिपकलियों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है।
वन मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि 17 सितंबर को मिली एक जानकारी के आधार पर पूर्वी असम वन्यजीव प्रभाग के तहत आने वाले बोकाखात रेंज के कर्मियों ने दीमापुर सीमा शुल्क (निवारक) प्रभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर गोलाघाट के गरमुड़ में वन्यजीव तस्करी के एक कथित प्रयास को विफल कर दिया। मंत्री ने कहा, इस अभियान के दौरान 30 जीवित टोके गेको जब्त किए गए और इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इस खेप के स्रोत और इसे कहां भेजा जाना था, इसका पता लगाने तथा मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
