भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बृहस्पतिवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों की दिशा में अहम बताया जिसमें महिला क्रिकेट पहली बार शामिल होगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि टीम एशियाई खेलों की तरह ही ओलंपिक में भी जीतने की मानसिकता के साथ उतरेगी। मौजूदा चैंपियन भारत शुक्रवार को यहां मेजबान जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा।
महिला स्पर्धा में सभी आठ टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए खेलेंगी। महिला टी20 एशिया कप जीतने के बाद भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है और दुबई से नागोया पहुंची भारतीय टीम अपनी लय बरकरार रखते हुए एशियाई खेलों में दूसरे स्वर्ण पदक पर नजरें लगाए हुए है। मजूमदार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह एशियाई खेल भारतीय महिला टीम के ओलंपिक अभियान की दिशा में एक शानदार झलक हैं।
हम यहां कुछ चीजों के आदी हो रहे हैं। क्रिकेट की दुनिया के अलग हिस्से जैसे जापान का दौरा करना हमारे लिए नया अनुभव है क्योंकि हम इससे पहले इस देश में नहीं आए हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लॉस एंजिल्स में भी शायद हममें से ज्यादातर के लिए ऐसा ही अनुभव होगा।
खिलाड़ियों को एक अलग तरह का अनुभव मिलेगा। एशियाई खेल हम सभी के लिए सीखने का शानदार मौका हैं और मैं इन खेलों का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। ’’
हरमनप्रीत ने कहा कि टीम एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने और यहां से मिलने वाली सीख को ओलंपिक में ले जाने के लिए उत्सुक है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि जिस तरह हमने पिछली बार चीन में 2022 हांग्झोउ एशियाई खेलों का आनंद लिया था, उसी तरह हम यहां नागोया में भी खेल का लुत्फ उठाएंगे। बतौर टीम हम ओलंपिक के लिए उत्सुक हैं और उम्मीद है कि हम उसी मानसिकता और उसी दृष्टिकोण के साथ वहां जाएंगे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक क्रिकेटर के तौर पर हम इन दोनों टूर्नामेंट एशियाड और ओलंपिक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जापान और लॉस एंजिल्स जैसी जगहों पर खेलना टीम के लिए एक दिलचस्प और सीखने का अनुभव होगा जो पारंपरिक क्रिकेट केंद्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जापान और लॉस एंजिल्स जैसे देशों और जगहों पर हमने ज्यादा क्रिकेट नहीं देखा है लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर हम कुछ बिल्कुल अलग अनुभव करने जा रहे हैं। हम इन परिस्थितियों के आदी नहीं हैं और ना ही इन मैदानों के।
यह पूरी तरह से अलग अहसास है।
