बिहार सरकार ने बेटियों और महिलाओं की उच्च शिक्षा, स्वरोजगार और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगस्त 2026 में बेटियों और बहनों के लिए शिक्षा, उद्यमिता और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। इनमें PhD करने वाली छात्राओं को हर महीने 10,000 रुपये की सहायता और स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद शामिल है।
इन पहलों में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप, बिहार की बेटी स्टार्टअप योजना और पुलिस दीदी अभया ब्रिगेड शामिल हैं। साथ में, वे उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा में सुधार करना चाहते हैं। आईये इन योजनाओं के बारे में जानते हैं:
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1. मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप
उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री बालिका PhD फेलोशिप शुरू की है। योजना की मुख्य बातें:
– लगभग 1,000 योग्य छात्राओं को योजना का लाभ देने का प्रावधान।
– चयनित छात्राओं को 10,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता।
– यह सहायता चार साल तक दिए जाने का प्रावधान है।
– योजना का उद्देश्य छात्राओं को PhD और शोध कार्य के दौरान आर्थिक मदद देना है।
सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगी।
2. बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना
जो बेटियां अपना कारोबार या स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं, उनके लिए सरकार ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना शुरू की है। इस योजना के तहत:
– महिला उद्यमियों को अपने स्टार्टअप और नवाचार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
– 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रावधान है।
– सहायता का उद्देश्य नए उद्यम और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
– बेटियों को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने पर जोर दिया गया है।
हालांकि, योजना के तहत आवेदन, चयन और अन्य विस्तृत पात्रता शर्तों की जानकारी संबंधित विभाग के आधिकारिक पोर्टल से जांचना जरूरी है।
3. बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी
सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी नई पहल की है। इसके तहत पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिलों का लोकार्पण और फ्लैग-ऑफ किया गया। इस पहल का उद्देश्य:
– स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना।
– महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को मजबूत करना।
– जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता को अधिक प्रभावी बनाना।
बेटियों को कैसे मिलेगा इन योजनाओं का लाभ?
इन नई योजनाओं में लाभ लेने के लिए सरकार द्वारा तय पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। आवेदन से पहले इन बातों की जांच करें:
– योजना की आधिकारिक अधिसूचना।
– उम्र और शैक्षणिक योग्यता।
– बिहार का निवास संबंधी नियम।
– जरूरी दस्तावेज।
– आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि।
– चयन की शर्तें।
– पुरानी योजनाओं से भी मिल रहा फायदा
बिहार में महिलाओं के लिए पहले से भी कई योजनाएं संचालित हैं, जिनका उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और रोजगार को बढ़ावा देना है। नई PhD फेलोशिप और बेटी स्टार्टअप चैलेंज जैसी पहल से अब बेटियों को उच्च शिक्षा से लेकर अपना कारोबार शुरू करने तक अतिरिक्त मदद मिलने की उम्मीद है।
बिहार सरकार की नई योजनाएं बेटियों को पढ़ाई और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। PhD करने वाली योग्य छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के तहत महिला उद्यमियों को 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।
हालांकि, किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले उसकी विस्तृत पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी बिहार सरकार के संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जरूर जांच लें।
– जे. पी. शुक्ला
