हांगझोऊ एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत, शनिवार, 19 सितंबर को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारत के दूसरे ध्वजवाहक के तौर पर तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह लेंगे। तूर अभी अपने बेस पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और अभी तक नागोया नहीं पहुंचे हैं। खास बात यह है कि तेजिंदरपाल को अभी तक अपनी किट नहीं मिली है, इसलिए वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे।
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तूर, पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली शूटर मनु भाकर के साथ ओपनिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक बनने के लिए पूरी तरह तैयार थे। लेकिन शेफ़ डी मिशन सहदेव यादव ने PTI से बात करते हुए बताया कि अब सेहरावत, जो पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य थे, सेरेमनी में तूर की जगह लेंगे। तूर ने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेरी किट दोपहर 3 बजे (नागोया) एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। एयरपोर्ट से समय पर अपनी किट लेकर ओपनिंग सेरेमनी वाली जगह तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा।
तूर ने आगे कहा कि तो, मैंने IOA को बता दिया है कि मैं ओपनिंग सेरेमनी में नहीं आ रहा हूँ। मेरी किट भारत में ही पड़ी है। एथलेटिक्स टीम में किसी को भी अभी तक अपनी किट नहीं मिली है। एथलेटिक्स टीम, माहौल के हिसाब से ढलने के लिए कैंप के तहत रविवार, 13 सितंबर से टोक्यो के पास सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कर रही है। टीम को सोमवार को नागोया पहुँचना है, जो एथलेटिक्स इवेंट्स शुरू होने से दो दिन पहले का समय है।
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टूर ने कहा कि अगर उन्हें शुक्रवार से पहले ओपनिंग सेरेमनी में अपनी भूमिका के बारे में बताया गया होता, तो वे समय पर किट पाने का इंतज़ाम कर सकते थे। तूर ने आगे कहा कि IOA ने मुझे कल ही बताया कि मैं फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) बनूँगा। वरना, मेरे कोच, जो कल यहाँ पहुँचे थे, मेरे लिए उसे (किट को) ले आ सकते थे। एशियन गेम्स में देरी एक आम बात हो गई है। नागोया में भारत और दूसरी टीमों के साथ होने वाली पारंपरिक झंडा फहराने की सेरेमनी में शुक्रवार को देरी हुई और फिर उसमें रुकावट भी आई। आयोजकों द्वारा किसी अज्ञात ‘समस्या’ को सुलझाने के बाद यह सेरेमनी हो पाई, जिससे गेम्स से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की अव्यवस्था को लेकर आलोचना और बढ़ गई।
