(फोटो के साथ)
मुंबई, 29 अगस्त नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई भीषण बाढ़ में फंसने वाले महाराष्ट्र के पर्यटकों ने शनिवार को मुंबई पहुंचकर राहत की सांस ली। कई लोगों ने कहा कि उन्हें लगा कि भगवान ने उन्हें बचा लिया। उन्होंने सुरक्षित घर लौटने में मदद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार भी जताया।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ ने कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस घटना में मध्य नेपाल में महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचा और जलविद्युत केंद्र बह गए। इस आकस्मिक बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 669 हो गई, जबकि अब भी 2,000 से अधिक लोग लापता हैं।
नेपाल से कुल 37 पर्यटक शनिवार शाम मुंबई लौटे। मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद एक पर्यटक ने कहा, हम खुश हैं कि सुरक्षित वापस आ गए हैं। हमें लगता है कि भगवान ने हमें बचा लिया।
केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने घर लौटने में हमारी मदद की, इसके लिए हम उनके आभारी हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए एक अन्य पर्यटक ने उस समय को याद किया, जब उन्हें अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही का पता चला। उन्होंने कहा, भगवान की कृपा से हम सुरक्षित लौट आए।
हम 26 अगस्त को सागा (तिब्बत) पहुंच गए थे और उसके बाद हमें पता चला कि अचानक आई बाढ़ ने कितनी तबाही मचाई है। पर्यटक ने बताया कि समूह अपने तय कार्यक्रम से एक दिन देरी से पहुंचा, लेकिन वापसी यात्रा के दौरान उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा, मुश्किल हालात में चीन और नेपाल सरकारों के बीच तालमेल भी अच्छा रहा।
एक अन्य महिला पर्यटक ने सुरक्षित वापसी को भगवान का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा, भगवान का पूरा आशीर्वाद हमारे साथ था, इसलिए हम कैलास पर्वत की यात्रा सुरक्षित पूरी कर सके।
