जीएमआर समूह पश्चिम एशिया, मध्य एशिया, पूर्वी यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में हवाई अड्डों तथा उनसे जुड़े कारोबार में महत्वपूर्ण अवसर तलाशेगा। जीएमआर समूह के चेयरमैन जी.एम. राव ने कहा है कि समूह की कंपनी जीएमआर एयरपोर्ट्स दिल्ली और हैदराबाद समेत पूरे देश में छह हवाई अड्डों का संचालन करती है। इसके अलावा इंडोनेशिया में भी एक हवाई अड्डे का परिचालन किया जा रहा है, जबकि यूनान में एक हवाई अड्डे का विकास किया जा रहा है।
आंध्र प्रदेश में समूह के भोगापुरम हवाई अड्डे ने 17 अगस्त से परिचालन शुरू किया है। राव ने भारतीय विमानन क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि बढ़ती आय, पर्यटन के विस्तार, विमानन बुनियादी ढांचे की बढ़ती पहुंच और सरकार की प्रगतिशील पहलों से इस क्षेत्र को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि के अवसरों का लाभ उठाने के लिए कंपनी ने अपने ‘एयरपोर्ट प्लेटफॉर्म’ कारोबार का विस्तार किया है।
इसके तहत शुल्क मुक्त, मालवाहक सेवा, खुदरा, खाद्य एवं पेय पदार्थ जैसे ऐसे कारोबारों में प्रवेश किया गया है, जिनमें अपेक्षाकृत कम पूंजी की जरूरत होती है। राव ने कंपनी की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि लंबे समय तक शेष रियायत अवधि और मजबूत मांग के आधार पर समूह के कारोबार के लिए वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, “आगे भी हम हवाई अड्डों के लिए नई रियायतों के अवसर तलाशते रहेंगे।
साथ ही परिचालन एवं रखरखाव अनुबंधों और हवाई अड्डों से जुड़े कारोबार पर केंद्रित कम पूंजी वाले क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाएंगे। इससे वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए टिकाऊ वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी।”
जीएमआर हवाई अड्डों से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत में 11.46 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। यह देश के कुल घरेलू हवाई यातायात का करीब 25.6 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय यातायात का 33.9 प्रतिशत था।
